सीतामढ़ी में सनसनीखेज वारदात: पुलिस की बोर्ड लगी गाड़ी में घूम रहे फर्जी डीएसपी ने मचाया उत्पात, भ्रष्टाचार के आरोप में ट्रैफिक सिपाही को उठाया और वसूले 10 हजार रुपये; वारदात के बाद आरोपी फरार

बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को सकते में डाल दिया है। जिले में खाकी और कानून की धज्जियां उड़ाते हुए एक फर्जी डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) ने जमकर उत्पात मचाया है। फर्जी डीएसपी अपनी गाड़ी पर पुलिस का बोर्ड लगाकर धौंस जमा रहा था और इसी दौरान उसने एक ट्रैफिक सिपाही को भ्रष्टाचार के झूठे आरोप में जबरन उठा लिया। इतना ही नहीं, सिपाही पर दबाव बनाकर उससे 10 हजार रुपये की अवैध उगाही (Extortion) भी की गई। इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फर्जी अधिकारी अपनी गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और आरोपी की तलाश के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

कैसे दिया गया इस खौफनाक और शातिर वारदात को अंजाम?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी शहर के एक व्यस्त इलाके में एक लग्जरी कार पर 'पुलिस' का बोर्ड और हूटर लगाकर एक व्यक्ति घूम रहा था, जो खुद को डीएसपी (DSP) बता रहा था। उस फर्जी डीएसपी ने अपनी रौबदार शैली से वहाँ तैनात एक ऑन-ड्यूटी ट्रैफिक सिपाही को अपने जाल में फंसाया। फर्जी अधिकारी ने ट्रैफिक सिपाही पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का गंभीर और मनगढ़ंत आरोप लगाया।

सिपाही को डरा-धमकाकर उसने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और अपने साथ ले गया। वर्दीधारी पुलिसकर्मी होने के बावजूद, फर्जी डीएसपी के रसूख और रौब के आगे ट्रैफिक सिपाही असमंजस में पड़ गया। इसके बाद आरोपी ने सिपाही को छोड़ने की एवज में उससे पैसों की मांग की। डर और मानसिक दबाव के कारण ट्रैफिक सिपाही ने किसी तरह व्यवस्था करके उसे 10 हजार रुपये की नकदी दी। रुपए ऐंठने के बाद फर्जी डीएसपी ने उसे रास्ते में छोड़ दिया और तेजी से गाड़ी भगाते हुए वहां से फरार हो गया।

वारदात के खुलासे से महकमे में मचा हड़कंप

जब यह सनसनीखेज मामला सामने आया और पीड़ित ट्रैफिक सिपाही ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को आपबीती सुनाई, तो पुलिस महकमे में भूचाल आ गया। एक पुलिसकर्मी के साथ ही इस तरह की ठगी और अपहरण जैसी हरकत होना सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। थाने में अज्ञात फर्जी डीएसपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शातिर अपराधी पिछले कितने दिनों से इस तरह फर्जी डीएसपी बनकर लोगों को ठग रहा था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है।

गाड़ी की तलाश और पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी

वारदात के तुरंत बाद सीतामढ़ी पुलिस ने शहर के तमाम रास्तों, टोल प्लाजा और सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footages) को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस उस गाड़ी की तलाश में जुटी है जिस पर पुलिस का फर्जी बोर्ड लगाकर इस घटना को अंजाम दिया गया था।

अनुसंधान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शहर के विभिन्न चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए आरोपी की गाड़ी का रूट मैप तैयार किया जा रहा है। पुलिस टीम ने कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दावा किया है कि इस तरह की फर्जीगिरी कर पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले इस शातिर ठग को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और आम लोग भी फर्जी अधिकारियों के इस तरह के आतंक से काफी सहम गए हैं।