विधानसभा में गूंजा भागलपुर का गंभीर जलजमाव मुद्दा; विधायक रोहित पांडेय ने उठाया 'हथिया नाला' का मामला, सरकार से 'स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना' पर मांगा जवाब
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भागलपुर के शहरी विकास और यहाँ की सबसे विकट समस्याओं में शुमार 'जलजमाव' (Waterlogging) का मुद्दा सदन के पटल पर जोर-शोर से गूंजा। भागलपुर के लोकप्रिय विधायक रोहित पांडेय ने नियम और जनहित के तहत विधानसभा में इस गंभीर विषय को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। विधायक ने सदन को बताया कि कैसे हर साल बारिश के मौसम में हल्की सी बरसात के बाद भी पूरा भागलपुर शहर पानी-पानी हो जाता है और लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है। विशेष रूप से उन्होंने ऐतिहासिक 'हथिया नाला' (Hathiya Nala) के संकरे और अतिक्रमण के शिकार होने की बात प्रमुखता से रखी, जिसके कारण शहर का पानी सही तरीके से निकल नहीं पाता है।
क्या है पूरा मामला? हथिया नाला की संकीर्णता और जलजमाव का संकट
भागलपुर शहर की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था में 'हथिया नाला' की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी है। लेकिन, दशकों से इसकी सही समय पर सफाई न होने, किनारों पर अवैध अतिक्रमण और नाले के कई जगहों पर बेहद संकरा (Narrow) हो जाने के कारण बारिश का पानी आगे नहीं बढ़ पाता है।
विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक रोहित पांडेय ने विस्तार से बताया कि:
प्राकृतिक बहाव में रुकावट: हथिया नाला जो शहर के विभिन्न हिस्सों से बरसाती पानी को समेटकर आगे गंगा नदी या अन्य आउटफॉल तक पहुंचाता था, वह आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कई जगहों पर रिहायशी और व्यावसायिक निर्माण के कारण नाले का दायरा सिमटकर एक छोटी नाली जैसा रह गया है।
बारिश में नरकीय स्थिति: मानसून के दौरान जब झमाझम बारिश होती है, तो हथिया नाला उफन जाता है और उसका पानी सड़कों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों (जैसे अलीगंज, आदमपुर, कचहरी चौक और आसपास के इलाके) में भर जाता है। घरों के अंदर पानी घुसने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
बीमारियों का खतरा: जलजमाव के कारण महीनों तक गंदा पानी जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा शहरवासियों पर मंडराने लगता है।
स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना पर टिकी हैं भागलपुर की उम्मीदें
सदन में इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई कि भागलपुर शहर को जलजमाव की इस शाश्वत समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए महत्वाकांक्षी 'स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना' (Storm Water Drainage Scheme) पर काम चल रहा है। इस योजना के तहत शहर में पानी की निकासी के लिए आधुनिक और बड़े भूमिगत ड्रेन (Underground Drains) बनाए जाने का प्रावधान है, ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के शहर से बाहर निकल सके।
विधायक रोहित पांडेय ने सरकार से इस योजना के पहले चरण के क्रियान्वयन और उसकी प्रगति रिपोर्ट की अद्यतन स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि भागलपुर की जनता लंबे समय से इस योजना के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रही है, इसलिए कागजी घोषणाओं के बजाय इस पर युद्ध स्तर पर काम होना चाहिए।
सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर उठे सवाल
विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गए हैं। विपक्षी और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों का भी यह मानना है कि जब तक हथिया नाला का चौड़ीकरण, गहरीकरण और उसका अतिक्रमण मुक्त (Encroachment Free) नहीं कराया जाता, तब तक दुनिया की कोई भी ड्रेनेज योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकती।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम देखने को नहीं मिलता। पहली ही बारिश प्रशासन के उन दावों की पोल खोलकर रख देती है।
विधायक के प्रयास से जगी उम्मीद, जनता को त्वरित समाधान की आस
विधानसभा में विधायक रोहित पांडेय द्वारा इस ज्वलंत मुद्दे को उठाए जाने के बाद भागलपुर के आम नागरिकों में एक बार फिर यह उम्मीद जगी है कि शायद अब इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक मशीनरी तेजी से हरकत में आएगी। लोगों को उम्मीद है कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना का कार्य जल्द ही गति पकड़ेगा और हथिया नाला के उद्धार के लिए कोई ठोस नीति बनाई जाएगी।
भागलपुर में जलजमाव की समस्या अब केवल एक असुविधा नहीं, बल्कि शहर के विकास में एक बड़ा रोड़ा बन चुकी है। विधानसभा में विधायक रोहित पांडेय द्वारा हथिया नाला और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के मुकदमों को मजबूती से रखना इस बात का प्रमाण है कि जनहित के मुद्दे अब अनसुने नहीं रह सकते। अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है, ताकि आगामी वर्षों में भागलपुर के लोगों को जलजमाव के नरक से स्थायी मुक्ति मिल सके।