सूखे नशे और अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ बिथान-ठठेरवा मुख्य मार्ग को पांच घंटे तक किया जाम; पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, नशे के बढ़ते साम्राज्य पर अंकुश लगाने की पुरजोर मांग
वर्तमान समय में बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सामाजिक ताने-बाने को अंदर से खोखला करने वाली यदि कोई सबसे बड़ी दीमक बन चुकी है, तो वह है—अवैध शराब और 'सूखे नशे' (ड्रग्स, स्मैक, कफ सिरप व अन्य नशीले पदार्थों) का फैलता हुआ जाल। सरकार द्वारा शराबबंदी कानून लागू किए जाने के बावजूद तस्करों और अपराधियों के सिंडिकेट द्वारा जिस प्रकार चोरी-छिपे नशे का जहर युवाओं की रगों में घोला जा रहा है, उसने अब समाज के सहनशीलता के बांध को तोड़ दिया है।
इसी व्यवस्था और पुलिसिया सुस्ती के खिलाफ समस्तीपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिथान (Bithan) इलाके में एक बड़ा और अभूतपूर्व जनआंदोलन देखने को मिला है। बुधवार को बिथान के सैकड़ों आक्रोशित युवाओं ने क्षेत्र में धड़ल्ले से बिक रहे सूखे नशे और अवैध शराब के कारोबार के विरोध में सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। युवाओं ने बिथान-ठठेरवा मुख्य सड़क को लगातार पांच घंटे तक पूरी तरह जाम रखा, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग पुलिस-प्रशासन से यह थी कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए और तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आइए बिथान में हुए इस जनआंदोलन, नशे के बढ़ते कारोबार की विभीषिका, पांच घंटे तक चले इस महाजाम और प्रशासन की कार्यप्रणाली का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
पृष्ठभूमि: कैसे बिथान और आसपास के इलाकों में जड़ें जमा रहा है सूखा नशा?
एक समय था जब ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के रूप में केवल पारंपरिक मादक पदार्थों की बात सामने आती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सिंडिकेट ने अपनी जड़ें इतनी गहरी कर ली हैं कि अब स्कूल-कॉलेज के छात्र और युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में तेजी से आ रही है।
अवैध शराब से लेकर स्मैक और कफ सिरप तक: बिथान और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में जहाँ एक तरफ अवैध शराब की होम डिलीवरी धड़ल्ले से जारी है, वहीं दूसरी तरफ स्मैक, ब्राउन शुगर, गांजा और प्रतिबंधित नशीली दवाओं (कफ सिरप व इंजेक्शन) का कारोबार 'सूखे नशे' के रूप में युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है।
युवा पीढ़ी का बर्बाद होता भविष्य: नशे की इस लत के कारण कम उम्र के लड़के आपराधिक वारदातों, चोरी और मानसिक अवसाद की तरफ धकेले जा रहे हैं। कई हंसते-खेलते परिवार इस नशे की भेंट चढ़ चुके हैं, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों और विशेषकर युवाओं के भीतर लंबे समय से सुलग रहा गुस्सा बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा।
घटनाक्रम: बुधवार को पांच घंटे तक थमी बिथान-ठठेरवा मुख्य सड़क की रफ्तार
बुधवार की सुबह जब आम दिनों की तरह लोग अपने कामों के लिए निकल रहे थे, तब अचानक बिथान के युवाओं का गुस्सा सड़कों पर उबल पड़ा।
सड़क पर उबला जनसैलाब: सैकड़ों की संख्या में युवा हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बिथान-ठठेरवा मुख्य सड़क पर आ डटे। उन्होंने सड़क के बीचों-बीच टायर जलाकर और खुद बैठकर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।
पांच घंटे तक महाजाम: सुबह से शुरू हुआ यह जाम दोपहर तक यानी लगातार पांच घंटे तक बिना किसी रुकावट के जारी रहा। इस दौरान बिथान-ठठेरवा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एम्बुलेंस और जरूरी कामकाज से जाने वाले लोग भी जाम में फंसे रहे, लेकिन युवाओं के कड़े तेवर और उनकी जिद के आगे किसी की एक न चली। युवाओं का साफ कहना था कि जब तक पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर आकर ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देते, तब तक जाम नहीं हटेगा।
पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और कड़े आक्रोश का प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस पर तस्करों से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया।
खुलेआम बिक रहा है जहर: प्रदर्शन कर रहे युवाओं का आरोप था कि थाने की नाक के नीचे और पुलिस गश्त के दावों के बीच बिथान के चप्पे-चप्पे पर अवैध शराब और नशे के सौदागर सक्रिय हैं। पुलिस को सब कुछ पता होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण इन अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
कार्रवाई की हुंकार: युवाओं का कहना था कि यदि समय रहते इस नशे के कारोबार पर नकेल नहीं कसी गई, तो आने वाली पूरी पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और आंदोलन का समापन
पांच घंटे तक चले इस उग्र महाजाम और प्रशासनिक सनसनी के बाद हरकत में आए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
अधिकारियों का आश्वासन: बिथान थाना और अंचल के वरीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित युवाओं और ग्रामीणों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने लिखित और मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब और सूखे नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ा विशेष अभियान (Special Drive) चलाया जाएगा।
तस्करों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की घोषणा: पुलिस ने यह भरोसा दिलाया कि चिन्हित तस्करों को अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा और किसी भी सूरत में अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन के इस ठोस आश्वासन के बाद युवाओं ने पांच घंटे के बाद जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारू हो सका।
बिथान में बुधवार को सैकड़ों युवाओं द्वारा सूखे नशे और अवैध शराब के खिलाफ बिथान-ठठेरवा मुख्य सड़क को पांच घंटे तक जाम किया जाना यह स्पष्ट संदेश देता है कि अब आम जनता और युवा पीढ़ी इस सामाजिक अभिशाप को सहने के मूड में नहीं है। पुलिस से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे अपने समाज को बचाने के लिए खुद आगे आ रहे हैं। प्रशासन के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि यदि समय रहते पुलिस ने अपनी निष्क्रियता को छोड़कर इन नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह जनआंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है। बिथान की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि युवाओं की जागृति ही किसी भी बुराड़ी व्यवस्था और अवैध कारोबार के खात्मे की सबसे बड़ी ताकत होती है।