बेउर जेल से रिहा हुए तेज प्रताप यादव, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत; परिवार से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव मंगलवार की शाम पटना स्थित बेउर केंद्रीय कारा से रिहा हो गए। उनकी रिहाई के बाद जेल परिसर के बाहर समर्थकों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। जैसे ही तेज प्रताप जेल से बाहर आए, समर्थकों ने फूल-मालाओं, नारों और स्वागत के बीच उनका अभिनंदन किया।

रिहाई के मौके पर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाई गईं वीणा मानवी भी मौजूद रहीं। उन्होंने तेज प्रताप यादव को खीर खिलाकर उनकी रिहाई की खुशी जाहिर की। इस दौरान समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी।

जेल के बाहर समर्थकों का उत्साह

तेज प्रताप यादव की रिहाई को लेकर उनके समर्थकों में सुबह से ही उत्साह का माहौल था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक बेउर केंद्रीय कारा के बाहर एकत्र हुए थे। जैसे ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी हुई और वे जेल से बाहर आए, समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया।

कई समर्थक फूलों की मालाएं लेकर पहुंचे थे, जबकि कुछ ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। पूरे परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

वीणा मानवी ने खीर खिलाकर जताई खुशी

रिहाई के बाद का सबसे चर्चित दृश्य तब देखने को मिला जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार वीणा मानवी ने तेज प्रताप यादव को खीर खिलाई। इसे समर्थकों ने शुभकामना और खुशी के प्रतीक के रूप में देखा।

इस दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और तेज प्रताप यादव के समर्थन में नारे लगाए।

सीधे कौटिल्यनगर स्थित आवास पहुंचे

जेल से रिहा होने के बाद तेज प्रताप यादव सीधे पटना के कौटिल्यनगर स्थित अपने आवास पहुंचे। वहां उनके परिवार के सदस्य पहले से मौजूद थे।

आवास पर उनकी मुलाकात उनकी माता राबड़ी देवी, पिता लालू प्रसाद यादव और छोटे भाई तेजस्वी यादव से हुई। परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया और कुछ समय तक आपसी बातचीत भी हुई।

हालांकि मुलाकात के दौरान क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

समर्थकों में दिखा उत्साह

तेज प्रताप यादव की रिहाई के बाद राजद समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे सकारात्मक घटनाक्रम बताते हुए कहा कि वे आने वाले दिनों में संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद करते हैं।

हालांकि पार्टी की ओर से उनकी भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बांकीपुर उपचुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

तेज प्रताप यादव की रिहाई ऐसे समय हुई है जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। ऐसे में उनकी रिहाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे उपचुनाव से जुड़ी किसी चुनावी गतिविधि में भाग लेंगे या नहीं। चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग का साइलेंट पीरियड लागू हो चुका है, जिसके दौरान चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियों पर रोक रहती है।

सुरक्षा के बीच हुई रिहाई

बेउर केंद्रीय कारा के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़ नियंत्रण की समस्या उत्पन्न न हो।

रिहाई की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक नियमों के अनुसार संपन्न हुई और उसके बाद तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों से मिलते हुए आवास के लिए रवाना हो गए।

परिवार से मुलाकात पर सबकी नजर

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर विशेष रूप से तेज प्रताप यादव की अपने परिवार के साथ हुई मुलाकात पर रही। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के साथ उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि राजद की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही किसी राजनीतिक निर्णय की पुष्टि की गई है।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी

राजद के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने तेज प्रताप यादव की रिहाई का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वे पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से योगदान देंगे।

हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से उनकी संगठनात्मक भूमिका या आगामी कार्यक्रमों के संबंध में कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

आगे की गतिविधियों पर रहेगी नजर

तेज प्रताप यादव की रिहाई के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर उनके अगले कदम पर टिकी है। क्या वे संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे, जनता के बीच जाएंगे या किसी अन्य राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल इतना तय है कि उनकी रिहाई ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। समर्थकों के उत्साहपूर्ण स्वागत, परिवार से मुलाकात और बांकीपुर उपचुनाव के बीच हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक गतिविधियां और राजद नेतृत्व की रणनीति पर सबकी निगाहें बनी रहेंगी।