नारायणपुर गांव में आवारा कुत्ते का खौफ; एक ही दिन में मासूम बच्चे समेत सात लोगों पर किया खूंखार हमला, गंभीर रूप से घायल सभी पीड़ितों का रेफरल अस्पताल में चल रहा इलाज

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के नारायणपुर गांव से एक बेहद दहला देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। इलाके में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक किस कदर बढ़ चुका है, इसकी बानगी नारायणपुर की इस घटना ने पेश कर दी है। गांव में एक आक्रामक और पागल हुए आवारा कुत्ते ने अचानक तांडव मचाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर सात अलग-अलग लोगों पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें बुरी तरह नोंच डाला। इस अचानक हुए खूंखार हमले में चार साल के एक मासूम बच्चे सहित कुल सात ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और दहशत का माहौल कायम हो गया है। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां छह लोगों का उपचार जारी है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च संस्थान रेफर कर दिया गया है।

कैसे मचाया आवारा कुत्ते ने तांडव? जानिए चश्मदीदों की जुबानी

घटनास्थल और स्थानीय ग्रामीणों से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, नारायणपुर गांव की गलियों में आम दिनों की तरह लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे:

अचानक टूटा कुत्ते का कहर: किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी कि गांव में घूम रहा कोई आवारा कुत्ता इतना खूंखार हो चुका है। अचानक से वह कुत्ता बेहद आक्रामक हो गया और उसने रास्ते से गुजर रहे या अपने घरों के बाहर बैठे लोगों को एक-एक कर अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया।

बचाने आए लोगों को भी बनाया शिकार: जब ग्रामीणों ने कुत्ते को किसी को काटते देख उसे भगाने का प्रयास किया, तो वह कुत्ता और अधिक आक्रामक हो गया। उसने देखते ही देखते एक के बाद एक कुल सात लोगों पर हमला बोल दिया और उन्हें बुरी तरह काट खाया। कुत्ते के इस अचानक हुए पागलपन भरे हमले से पूरे गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

घायलों की सूची और रेफरल अस्पताल में अफरा-तफरी

एक साथ सात लोगों के घायल होने की सूचना मिलते ही नारायणपुर गांव के ग्रामीण तुरंत एकजुट हुए:

अस्पताल पहुंचाए गए सभी पीड़ित: ग्रामीणों और परिजनों की मदद से खून से लथपथ सभी सात घायलों को तुरंत स्थानीय रेफरल अस्पताल, नारायणपुर पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

चिकित्सकों द्वारा त्वरित इलाज: रेफरल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाला। डॉक्टरों ने सभी घायलों के घावों की मरहम-पट्टी की और उन्हें रेबीज रोधी टीके (Anti-Rabies Vaccines) लगाने की प्रक्रिया शुरू की। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुल सात घायलों में से छह का इलाज इसी अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें गहरी चोटें आई हैं।

चार साल के मासूम की हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

इस पूरे हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू चार साल के एक छोटे बच्चे के साथ हुआ:

मासूम पर कुत्ते का क्रूर प्रहार: घायलों में शामिल चार साल का एक मासूम बच्चा भी इस आवारा कुत्ते की दरिंदगी का शिकार बन गया। कुत्ते ने बच्चे के चेहरे और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर बुरी तरह काटा, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया।

बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर: रेफरल अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे की गंभीर और नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल या किसी अन्य उच्च चिकित्सा संस्थान (Higher Center) के लिए रेफर कर दिया। मासूम के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने बच्चे की सलामत वापसी के लिए दुआएं मांग रहे हैं।

ग्रामीणों में गहरा रोष, प्रशासन से की गई सख्त कार्रवाई की मांग

इस घटना के बाद नारायणपुर गांव के लोगों में आवारा कुत्तों के प्रति भारी गुस्सा और दहशत देखी जा रही है:

प्रशासन की उदासीनता पर सवाल: आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि उनके इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन स्थानीय प्रशासन या नगर निकाय इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आए दिन राहगीरों और बच्चों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है।

आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की गुहार: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस पागल और खूंखार कुत्ते को तुरंत पकड़ा जाए, ताकि अन्य किसी ग्रामीण या बच्चे को नुकसान न पहुंचे। साथ ही, पूरे इलाके से आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की अपील की गई है।

नारायणपुर गांव में आवारा कुत्ते द्वारा सात लोगों पर किया गया यह हमला शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में फैल रही एक बड़ी समस्या को उजागर करता है। एक तरफ जहां चार साल के मासूम समेत सात लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए न सिर्फ पीड़ित परिवारों को उचित सहायता और चिकित्सा मुहैया करानी चाहिए, बल्कि आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।