तीन पुलिस अधिकारी और एक सिपाही गंभीर रूप से घायल; आरोपी जवाहर शर्मा और उसके सहयोगियों पर शिकंजा कसने में जुटी पुलिस
सहरसा/सौरबाजार: बिहार के सहरसा जिले से कानून-व्यवस्था और खाकी की सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कबैला चक गांव में पुलिस टीम पर उस वक्त जानलेवा हमला कर दिया गया जब वे गुप्त सूचना के आधार पर अवैध शराब के खिलाफ एक नियमित छापेमारी (रेड) करने गए थे। शराब तस्करों और उपद्रवियों द्वारा किए गए इस अचानक एवं हिंसक हमले में तीन पुलिस अधिकारी और एक सिपाही समेत कुल चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना कर दिया गया है। मुख्य आरोपी जवाहर शर्मा और उसके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
क्या है पूरा मामला? कबैला चक गांव में कैसे भड़की हिंसा?
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, सौरबाजार थाना पुलिस को अपनी खुफिया तंत्र के जरिए यह पुख्ता जानकारी मिली थी कि कबैला चक गांव में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध शराब का भारी भंडारण किया गया है और वहां से अवैध शराब की तस्करी का कारोबार संचालित किया जा रहा है।
छापेमारी दल का गठन और मौके पर पहुंचना: इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रशासन ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया, जिसमें कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। तय रणनीति के तहत पुलिस टीम ने कबैला चक गांव में स्थित मुख्य आरोपी जवाहर शर्मा के ठिकाने और आसपास के संदिग्ध इलाकों की घेराबंदी शुरू कर दी।
अचानक भीड़ का हमला और लाठी-डंडों से मारपीट: जैसे ही पुलिस टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की, तस्करों और उनके समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से एकजुट होकर पुलिस बल पर हमला बोल दिया। हमलावरों के हाथों में लाठी, डंडे, ईंट-पत्थर और अन्य धारदार हथियार थे। पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उग्र भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और अंधाधुंध मारपीट शुरू कर दी।
हमले में घायल हुए पुलिस अधिकारी और जवान, मची अफरा-तफरी
इस अचानक हुए कातिलाना हमले में पुलिस टीम को संभलने का मौका तक नहीं मिला, जिसके चलते कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घायल पुलिसकर्मियों की सूची: इस हिंसक झड़प में घायल होने वालों में तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक सिपाही शामिल हैं। सभी घायलों को स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस बल की सहायता से तुरंत सौरबाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल, सहरसा रेफर कर दिया गया।
घटनास्थल पर तनावपूर्ण माहौल: पुलिस कर्मियों पर हुए इस हमले के बाद कबैला चक गांव और उसके आसपास के इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जिले के कई अन्य थानों की पुलिस और वरीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
मुख्य आरोपी जवाहर शर्मा और उसके सहयोगियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी
पुलिस प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और इसे खाकी पर सीधा हमला करार दिया है। कानून अपने हाथ में लेने वाले उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्राथमिकी दर्ज और नामजद कार्रवाई: पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जवाहर शर्मा और उसके कई अज्ञात तथा नामजद सहयोगियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने, मारपीट करने और अवैध शराब अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन: पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, फरार चल रहे मुख्य आरोपी जवाहर शर्मा और अन्य उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक-एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है, जो इस हमले में शामिल थे।
कानून व्यवस्था पर सवाल और प्रशासन का कड़ा संदेश
कबैला चक गांव की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शराब तस्कर और माफिया कितने बेखौफ हो चुके हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रकार की कायराना हरकतों से पुलिस का मनोबल नहीं टूटेगा। अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा पुलिस पर हाथ उठाने वाले हर एक अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।