पटना-गया रेलखंड पर हाईवोल्टेज तार चोरी से रेल सेवा बाधित, 25 केवी ओएचई लाइन काटने से तीन घंटे तक थमी ट्रेनों की रफ्तार
पटना: बिहार के व्यस्ततम रेल मार्गों में शामिल पटना-गया रेलखंड पर चोरों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए अज्ञात चोरों ने 25 केवी हाईवोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन के तार काट दिए। इस घटना के कारण गंगा-दामोदर एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया और रेलखंड पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और इंजीनियरिंग विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत कर रेल परिचालन को सामान्य करने का अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि चोर तांबे के तार चोरी करने के इरादे से इस वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
रात के अंधेरे में अंजाम दी गई वारदात
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना देर रात उस समय हुई जब रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अपेक्षाकृत कम था। अंधेरे का लाभ उठाकर बदमाशों ने ओएचई लाइन के तार काट दिए। सुबह संचालन शुरू होने पर तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।
तकनीकी टीम के निरीक्षण में पता चला कि 25 केवी हाईवोल्टेज लाइन का तार काटा गया है। इसके बाद सुरक्षा कारणों से संबंधित सेक्शन में ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई और कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित
ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण इस रेलखंड से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। गंगा-दामोदर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चलीं। कुछ ट्रेनों को स्टेशन पर रोककर रखा गया, जबकि कुछ को सावधानीपूर्वक कम गति से आगे बढ़ाया गया।
इस वजह से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। सुबह यात्रा करने वाले यात्रियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों की भीड़ भी देखी गई।
तीन घंटे तक बाधित रहा रेल संचालन
रेलवे अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त तार की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया। विशेषज्ञ तकनीशियनों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नया तार लगाया और विद्युत आपूर्ति बहाल की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ओएचई लाइन का तकनीकी परीक्षण किया गया। सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि होने के बाद ही ट्रेनों को सामान्य गति से चलाने की अनुमति दी गई।
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे की ओएचई लाइन जैसी महत्वपूर्ण संरचना तक चोरों का पहुंच जाना सुरक्षा तंत्र में गंभीर चूक की ओर संकेत करता है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि रेल लाइन के आसपास रात के समय निगरानी और गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है। यदि समय रहते निगरानी मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
आरपीएफ और जीआरपी ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया और साक्ष्य एकत्र किए।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
तांबे के तार चोरी करने वाले गिरोह पर शक
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह वारदात तांबे के तार चोरी करने वाले किसी संगठित गिरोह ने की है। रेलवे के ओएचई तारों में उपयोग होने वाली धातु की बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण ऐसे गिरोह पहले भी कई राज्यों में सक्रिय पाए गए हैं।
जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही हैं कि क्या इस घटना में स्थानीय अपराधियों की संलिप्तता है या किसी बड़े गिरोह ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
रेल सेवा प्रभावित होने के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोग अपने कार्यस्थल, परीक्षा केंद्र और अन्य जरूरी गंतव्यों पर समय से नहीं पहुंच सके। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने रेलवे से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।
कुछ यात्रियों ने कहा कि लगातार इस तरह की घटनाओं से रेलवे की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने रेल प्रशासन से रेल संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
रेलवे ने दिए सुरक्षा बढ़ाने के संकेत
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील रेलखंडों में निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। रात के समय आरपीएफ की गश्त बढ़ाने, ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरणों के उपयोग सहित अन्य सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों की तलाश जारी
जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हैं। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन, आरपीएफ या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
पटना-गया रेलखंड पर 25 केवी हाईवोल्टेज ओएचई लाइन के तार काटे जाने की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस वारदात के कारण गंगा-दामोदर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का परिचालन करीब तीन घंटे तक प्रभावित रहा और हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। फिलहाल रेल सेवा सामान्य हो चुकी है, लेकिन आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे प्रशासन आरोपियों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में रेलवे की महत्वपूर्ण संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।