एनसीसी कैडेट्स के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण शिविर जारी, एडीजी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

भागलपुर: भागलपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) कैडेट्स के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस शिविर में न केवल भागलपुर, बल्कि आसपास के अन्य जिलों के कैडेट्स भी पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। हाल ही में, एनसीसी के अपर महानिदेशक (ADG) ने शिविर का दौरा किया और वहां चल रहे प्रशिक्षण गतिविधियों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को लेकर संतोष व्यक्त किया।

शिविर का उद्देश्य: युवा नेतृत्व और अनुशासन का निर्माण

यह प्रशिक्षण शिविर कैडेट्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उनमें राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, समयबद्धता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। एडीजी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि एनसीसी केवल वर्दी पहनने का नाम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण की एक लंबी प्रक्रिया है।

कठोर प्रशिक्षण: शिविर में कैडेट्स को ड्रिल, मैप रीडिंग, वेपन ट्रेनिंग (हथियार प्रशिक्षण), और फील्ड क्राफ्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अभ्यास कराया जा रहा है।

शारीरिक स्वास्थ्य: सुबह की पीटी (Physical Training) से लेकर शाम के खेलों तक, कैडेट्स को शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन: प्रशिक्षण में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव कार्य और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की तकनीकें भी सिखाई जा रही हैं।

एडीजी का दौरा और मार्गदर्शन

एडीजी ने जब शिविर स्थल पर प्रवेश किया, तो कैडेट्स ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और कैडेट्स की ड्रिल की सराहना की। एडीजी ने अपने संबोधन में कहा कि "बिहार के युवा अत्यंत मेधावी और परिश्रमी हैं। एनसीसी का यह मंच उन्हें सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने की नींव प्रदान करता है।"

उन्होंने कैडेट्स से संवाद भी किया और उन्हें जीवन में 'सर्विस बिफोर सेल्फ' (स्वयं से पहले सेवा) के आदर्श को अपनाने की सीख दी। एडीजी ने शिविर के आयोजकों और प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की भी सराहना की कि वे किस तरह सीमित संसाधनों में भी कैडेट्स को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दे रहे हैं।

भागलपुर के साथ अन्य जिलों की सहभागिता

इस शिविर की एक बड़ी विशेषता इसकी विविधता है। भागलपुर के साथ-साथ मुंगेर, बांका, खगड़िया और लखीसराय जैसे जिलों के कैडेट्स भी इसमें शामिल हुए हैं। एक ही टेंट में रहने, साथ भोजन करने और कठिन प्रशिक्षण एक साथ करने से कैडेट्स के बीच आपसी भाईचारा और टीम भावना बढ़ रही है। यह अंतर-जिला समन्वय भविष्य में राज्य स्तर की गतिविधियों के लिए भी एक मजबूत टीम बनाने में मदद करेगा।

कैडेट्स के लिए सीखने का नया अनुभव

शिविर में शामिल कई कैडेट्स ने बताया कि उन्हें घर से बाहर इस तरह के अनुशासित माहौल में रहने का पहली बार मौका मिला है। एक कैडेट ने साझा किया, "शुरुआत में हमें सुबह जल्दी उठना और लगातार घंटों अभ्यास करना कठिन लगता था, लेकिन अब यह हमारी दिनचर्या बन गया है। एडीजी सर के आने से हमें बहुत प्रेरणा मिली है।"

भविष्य की संभावनाएं

प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स को ‘बी’ और ‘सी’ सर्टिफिकेट परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जो उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। एडीजी ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के साथ-साथ कैडेट्स को व्यक्तित्व विकास (Personality Development) और साक्षात्कार (Interview) की तकनीकों पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि वे भविष्य की स्पर्धाओं में सफल हो सकें।

राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम

एडीजी के दौरे ने न केवल कैडेट्स का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि उनके प्रशिक्षकों में भी नई ऊर्जा का संचार किया है। भागलपुर की धरती पर आयोजित यह शिविर यह सिद्ध कर रहा है कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे देश की सुरक्षा और समाज की सेवा में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले दिनों में यह कैडेट्स अपने-अपने जिलों में जाकर वहां के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत बनेंगे।

शिविर का समापन एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया जाएगा। प्रशासन ने भी इस शिविर के सफल संचालन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।