गोरौल में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, पुलिस ने नकदी और मोबाइल किए बरामद
मुजफ्फरपुर: साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोरौल थाना क्षेत्र के गोढ़ीया चौक से पुलिस ने गुरुवार को फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से ठगी करने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी दुकानों से सामान खरीदने के बाद नकली भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर फरार हो जाते थे।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले दुकानों से सामान खरीदते थे और फिर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन भुगतान करने का नाटक करते थे। इसके बाद वे दुकानदार को फर्जी पेमेंट सक्सेस का स्क्रीनशॉट दिखा देते थे। दुकानदार भुगतान हो जाने की बात मानकर उन्हें सामान दे देते थे, लेकिन बाद में जब बैंक खाते की जांच की जाती थी तो पता चलता था कि कोई राशि प्राप्त ही नहीं हुई।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने मुजफ्फरपुर और आसपास के कई इलाकों में इसी तरीके से कई दुकानदारों को अपना शिकार बनाया है।
फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट से करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी खास तौर पर किराना, मोबाइल, जनरल स्टोर और अन्य छोटे व्यवसायियों को निशाना बनाते थे, जहां यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार किया जाता है।
सामान खरीदने के बाद वे मोबाइल पर भुगतान करने का दिखावा करते थे, लेकिन वास्तविक लेन-देन करने के बजाय पहले से तैयार या एडिट किया गया फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट दुकानदार को दिखा देते थे।
व्यस्तता के कारण कई दुकानदार तत्काल अपने बैंक खाते की जांच नहीं कर पाते थे और भुगतान प्राप्त होने की पुष्टि किए बिना ही सामान दे देते थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी वहां से निकल जाते थे।
व्यापारियों की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
गोरौल बाजार के कई दुकानदारों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ लोग फर्जी ऑनलाइन भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर लगातार ठगी कर रहे हैं।
शुरुआत में कई व्यापारियों ने इसे बैंक या नेटवर्क की तकनीकी समस्या समझा, लेकिन जब ऐसी घटनाएं लगातार होने लगीं तो उन्हें ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने बाजार में निगरानी बढ़ाई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदिग्धों की पहचान की।
गोढ़ीया चौक से हुई गिरफ्तारी
गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने गुरुवार को गोढ़ीया चौक में छापेमारी की। इसी दौरान दोनों आरोपी एक और दुकानदार को ठगने की फिराक में थे।
पुलिस ने मौके पर ही दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान वे अपने मोबाइल में दिखाए गए डिजिटल भुगतान के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर थाना लाया गया।
नकदी और मोबाइल फोन बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए, जिनमें शामिल हैं—
- ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन
- नकद राशि
- सिम कार्ड
- डिजिटल भुगतान से जुड़े दस्तावेज
- अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन को जांच के लिए भेजा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें फर्जी पेमेंट ऐप या एडिट किए गए स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
जांच जारी
पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी बड़े साइबर गिरोह का हिस्सा हैं या अकेले ही इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते थे।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मुजफ्फरपुर के अलावा अन्य जिलों में भी इन आरोपियों ने इसी तरीके से ठगी की है या नहीं।
व्यापारियों के लिए पुलिस की सलाह
पुलिस ने सभी दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे केवल ग्राहक द्वारा दिखाए गए स्क्रीनशॉट के आधार पर किसी भी ऑनलाइन भुगतान पर भरोसा न करें।
सामान देने से पहले अपने बैंक खाते या यूपीआई ऐप में राशि प्राप्त होने की पुष्टि अवश्य करें। यदि भुगतान का मैसेज या बैंक में एंट्री नहीं हुई है, तो ग्राहक को सामान न दें।
डिजिटल भुगतान के दौरान बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों ने व्यापारियों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है—
- केवल स्क्रीनशॉट देखकर भुगतान स्वीकार न करें।
- बैंक खाते या यूपीआई ऐप में राशि आने की पुष्टि करें।
- भुगतान का आधिकारिक नोटिफिकेशन मिलने के बाद ही सामान दें।
- सभी डिजिटल लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
व्यापारियों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की
स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि फर्जी ऑनलाइन भुगतान के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही थी।
व्यापारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से ऐसे अपराधियों में डर पैदा होगा और छोटे दुकानदारों को राहत मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से साइबर ठगी के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की।
साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड स्कैम और नकली यूपीआई रिक्वेस्ट जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
ऐसे में व्यापारियों और आम लोगों को ऑनलाइन लेन-देन करते समय विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।