नाथनगर में मध्यदेशीय वैश्य महासभा का दो दिवसीय महाधिवेशन शुरू विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि, समाज की सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की उठी मांग
नाथनगर : नाथनगर के कबीरपुर स्थित श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में शनिवार को मध्यदेशीय वैश्य महासभा का दो दिवसीय महाधिवेशन शुरू हुआ। महाधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र के दौरान समाज की वर्तमान स्थिति, सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान प्रतिनिधियों ने समाज में बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता जताई और सरकार से समाज के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
महाधिवेशन में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के व्यापारियों और आम लोगों को कई स्तरों पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आपराधिक घटनाओं के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन और सरकार को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। प्रतिनिधियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत होगी तभी समाज के लोग सुरक्षित माहौल में अपना व्यवसाय और सामाजिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।
विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि
दो दिवसीय महाधिवेशन में बिहार के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से प्रतिनिधियों के पहुंचने की जानकारी दी गई। सम्मेलन में समाज के संगठन को मजबूत बनाने और अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले सदस्यों को एक मंच पर लाने पर जोर दिया गया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि सामाजिक संगठन तभी प्रभावी हो सकता है जब समाज के सभी वर्ग आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ें। युवाओं और महिलाओं की संगठन में भागीदारी बढ़ाने तथा नई पीढ़ी को समाज की गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
अपराध पर चिंता, सुरक्षा की मांग
महाधिवेशन में समाज में बढ़ते अपराधों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। प्रतिनिधियों ने कहा कि व्यापारियों और आम लोगों के खिलाफ होने वाली आपराधिक घटनाओं से समाज में चिंता बढ़ रही है। कई स्थानों पर व्यवसायियों को सुरक्षा को लेकर परेशानी होती है।
सरकार से मांग की गई कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद जांच और कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग
सम्मेलन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जनसंख्या और सामाजिक योगदान के अनुपात में राजनीतिक क्षेत्र में पर्याप्त भागीदारी नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार और राजनीतिक दलों से समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत से लेकर विधानसभा और संसद तक समाज के योग्य लोगों को राजनीतिक अवसर मिलना चाहिए। राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से समाज की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा और युवाओं को लेकर भी चर्चा
महाधिवेशन में शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।
युवाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय के आधुनिक तरीकों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में व्यापार के स्वरूप में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में युवाओं को तकनीक और नए व्यवसायिक अवसरों की जानकारी देना जरूरी है।
सामाजिक एकता का संदेश
महाधिवेशन के दौरान सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को मजबूत करने का संदेश दिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठानी होगी।
दो दिवसीय महाधिवेशन के दौरान विभिन्न सत्रों में समाज से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सम्मेलन में सामने आने वाले सुझावों और प्रस्तावों को आगे सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा।