जुमे की नमाज से पहले गंगा में नहाने गए दो दोस्तों की डूबने से मौत, दरियापुर पंचायत में मातम

पटना: राजधानी पटना से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरियापुर पंचायत में शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले गंगा नदी में नहाने गए दो किशोर दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान जैद (16 वर्ष) और रेहान (11 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों दोस्त सुबह घर से गंगा स्नान के लिए निकले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद यह खुशियों भरा दिन उनके परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम बन गया।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि स्थानीय लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव नदी से बाहर निकाले गए।

जुमे की नमाज से पहले गए थे गंगा स्नान

स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार सुबह जुमे की नमाज से पहले जैद और रेहान अपने कुछ साथियों के साथ गंगा नदी में स्नान करने पहुंचे थे। दोनों नदी में उतरकर नहा रहे थे। इसी दौरान अचानक वे गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आ गए।

साथ मौजूद बच्चों ने जब उन्हें डूबते देखा तो शोर मचाया। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों नदी की तेज धारा में लापता हो चुके थे।

बढ़ा हुआ था गंगा का जलस्तर

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हो रही मौसमी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। नदी में पानी का बहाव भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तेज था।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लोगों को नदी में नहाने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती रही है, लेकिन कई लोग चेतावनी के बावजूद गहरे पानी में चले जाते हैं, जिससे ऐसे हादसे हो जाते हैं।

गोताखोरों ने चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ/स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। नदी में दोनों किशोरों की तलाश शुरू की गई।

काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए गए। शवों को नदी से बाहर निकालते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का विलाप सुनकर हर कोई भावुक हो उठा।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

जैद और रेहान की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों परिवारों के घरों में मातम छा गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे आपस में अच्छे दोस्त थे और अक्सर साथ ही खेलते-कूदते थे। किसी ने नहीं सोचा था कि एक साथ नदी में नहाने गए दोनों दोस्त कभी वापस घर नहीं लौटेंगे।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से हुई दुर्घटनावश मौत का प्रतीत होता है। हालांकि, सभी आवश्यक पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की मांग

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है, इसलिए खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए।

लोगों ने यह भी मांग की कि संवेदनशील घाटों पर नियमित निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

बरसात में बढ़ जाता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और पानी की गहराई तथा बहाव का सही अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में नदी में नहाना या गहरे पानी में जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

प्रशासन भी समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि वे बरसात के मौसम में नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में सावधानी बरतें तथा बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें।

प्रशासन ने जताया शोक

स्थानीय प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नदी किनारे सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।

साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी में उतरने से बचें।

नदी किनारे बरतें विशेष सावधानी

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे बरसात के मौसम में बच्चों पर विशेष नजर रखें। किसी भी नदी, तालाब या जलाशय में नहाने से पहले उसकी गहराई और पानी के बहाव की जानकारी अवश्य लें।

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए नदी के किनारे हमेशा सतर्क रहें और बच्चों को बिना किसी जिम्मेदार वयस्क की निगरानी के पानी में न उतरने दें।

पूरे इलाके में शोक का माहौल

जैद और रेहान की असामयिक मौत ने पूरे दरियापुर पंचायत को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधा रहे हैं और ईश्वर से दोनों बच्चों की आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बरसात के मौसम में नदियों के बढ़े हुए जलस्तर और तेज बहाव को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। थोड़ी-सी सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।