जिला प्रशासन और ट्रिपल आईटी (IIIT) भागलपुर की अनूठी तकनीकी पहल; विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को डिजिटल बनाने के लिए लॉन्च हुआ 'ई-श्रावणी' मोबाइल एप
भागलपुर, विशेष संवाददाता: देवघर जाने वाले कांवरियों और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में आने वाले करोड़ों शिव भक्तों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और हाई-टेक बनाने के लिए इस वर्ष एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भागलपुर जिला प्रशासन के साथ मिलकर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT - Indian Institute of Technology Bhagalpur) के युवा सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और विशेषज्ञों ने मिलकर एक अत्याधुनिक मोबाइल एप्लीकेशन 'ई-श्रावणी' (E-Shravani Mobile App) तैयार किया है। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य कांवरिया पथ पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को पल-पल की रियल-टाइम जानकारी देना, आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाना और प्रशासन तथा जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
IIIT भागलपुर के तकनीकी कौशल और प्रशासन का संगम
श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना हमेशा से जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है।
डिजिटल क्रांति की ओर कदम: इस चुनौती का तकनीकी समाधान निकालने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने ट्रिपल आईटी (IIIT) भागलपुर के तकनीकी विशेषज्ञों से संपर्क किया। संस्थान के प्रोफेसरों और छात्रों की एक विशेष टीम ने कड़ी मेहनत कर इस यूजर-फ्रेंडली (User-friendly) और बहुपयोगी ऐप को विकसित किया है।
पारदर्शिता और सुरक्षा: जिला प्रशासन का मानना है कि 'ई-श्रावणी' ऐप के जरिए न केवल प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होगी, बल्कि कांवरियों को भी हर कदम पर एक वर्चुअल गाइड (Virtual Guide) का साथ मिलेगा।
'ई-श्रावणी' ऐप की प्रमुख विशेषताएं और मिलने वाली सुविधाएं
यह मोबाइल ऐप एक ऑल-इन-वन (All-in-one) डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है, जिसमें श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं:
लाइव लोकेशन और कांवरिया पथ की जानकारी:
इस ऐप के माध्यम से श्रद्धालु सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक के पूरे कांवरिया पथ का डिजिटल नक्शा (Digital Map) देख सकते हैं।
रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख पड़ाव, धर्मशालाएं, विश्राम स्थल, पेयजल केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और पुलिस सहायता शिविरों की सटीक लोकेशन एक क्लिक पर मिल जाएगी।
स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं (SOS Button):
यात्रा के दौरान यदि किसी कांवरिया की तबीयत अचानक खराब हो जाती है या कोई दुर्घटना हो जाती है, तो ऐप में दिए गए SOS आपातकालीन बटन का उपयोग किया जा सकता है।
बटन दबाते ही निकटतम मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और पुलिस कंट्रोल रूम तक तुरंत सूचना पहुंच जाएगी, जिससे कम से कम समय में सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
खोया-पाया केंद्र (Lost and Found):
मेले की भारी भीड़ में कई बार छोटे बच्चे या बुजुर्ग अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ऐप में 'खोया-पाया' मॉड्यूल बनाया गया है, जिसकी मदद से लापता व्यक्तियों की सूचना तुरंत प्रसारित कर उन्हें उनके अपनों से मिलाने में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक सूचनाएं और मौसम अपडेट:
मेले के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन, रूट चार्ट, और विशेष आयोजनों (जैसे ड्रोन शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि) की लाइव अपडेट्स इस ऐप पर मिलती रहेंगी। इसके अलावा, मौसम के पूर्वानुमान (Weather Updates) की जानकारी भी दी जाएगी ताकि बारिश या धूप से बचने के लिए श्रद्धालु पहले से सतर्क रह सकें।
डब्यूलॉड करने की प्रक्रिया और तकनीकी सुगमता
'ई-श्रावणी' एप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे किसी भी साधारण स्मार्टफोन यूजर द्वारा आसानी से उपयोग किया जा सके:
प्ले स्टोर पर उपलब्धता: इस एप को एंड्रॉइड के गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से बिल्कुल मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
कम डेटा खपत: ऐप की डिजाइनिंग इस प्रकार की गई है कि यह धीमे इंटरनेट नेटवर्क या 2G/3G कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी बहुत तेजी से और सुचारू रूप से काम करे, ताकि गांवों या सुदूर इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई तकनीकी परेशानी न हो।
ट्रिपल आईटी (IIIT) भागलपुर द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार किया गया 'ई-श्रावणी' मोबाइल एप श्रावणी मेले के इतिहास में तकनीकी क्रांति का एक नया अध्याय लिख रहा है। यह एप न केवल आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग है, बल्कि यह कांवरियों की सेवा और सुरक्षा के प्रति सरकार और प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस डिजिटल प्रयास से इस बार की कांवर यात्रा और अधिक सुरक्षित, आनंददायक और व्यवस्थित बन गई है।