यूपीएससी पास करने वाले बिहार के अभ्यर्थियों को बड़ा झटका, 2025 बैच में EWS, सामान्य और OBC के लिए बिहार कैडर की ‘इनसाइडर वैकेंसी’ शून्य

पटना: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFoS) जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयनित होने वाले बिहार के अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। वर्ष 2025 बैच के कैडर आवंटन में EWS, सामान्य (General) और OBC श्रेणी के लिए बिहार कैडर में ‘इनसाइडर वैकेंसी’ (गृह राज्य कोटा) शून्य कर दिए जाने से राज्य के अनेक सफल अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है।

इस बदलाव का अर्थ यह है कि इन श्रेणियों में चयनित बिहार के उम्मीदवारों को अपने गृह राज्य बिहार कैडर मिलने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। अब उन्हें अन्य राज्यों के कैडर में नियुक्ति मिलने की अधिक संभावना रहेगी। इस निर्णय ने यूपीएससी अभ्यर्थियों, शिक्षकों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच व्यापक चर्चा शुरू कर दी है।

क्या होती है ‘इनसाइडर वैकेंसी’?

कैडर आवंटन प्रक्रिया में ‘इनसाइडर वैकेंसी’ का अर्थ उस रिक्ति से है, जिसके तहत किसी राज्य के अभ्यर्थी को उसी राज्य का कैडर मिलने का अवसर मिलता है।

सिविल सेवा में चयन के बाद उम्मीदवारों का कैडर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नीति और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर आवंटित किया जाता है। इसमें गृह राज्य (Insider) और अन्य राज्य (Outsider) दोनों प्रकार की रिक्तियां निर्धारित होती हैं।

यदि किसी श्रेणी में इनसाइडर वैकेंसी उपलब्ध नहीं होती, तो उस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अपने गृह राज्य का कैडर प्राप्त करना संभव नहीं रह जाता।

2025 बैच में क्या बदला?

जानकारी के अनुसार, 2025 बैच के लिए बिहार कैडर में EWS, सामान्य और OBC श्रेणी के लिए इनसाइडर रिक्तियां शून्य निर्धारित की गई हैं।

इसका सीधा प्रभाव बिहार के उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो इन श्रेणियों में चयनित होंगे और अपने गृह राज्य में सेवा देने की उम्मीद कर रहे थे।

हालांकि, अन्य आरक्षित श्रेणियों के लिए उपलब्ध रिक्तियों की स्थिति अलग हो सकती है, जो सरकार द्वारा जारी कैडर आवंटन सूची पर निर्भर करेगी।

अभ्यर्थियों में निराशा

इस बदलाव की खबर सामने आने के बाद बिहार के अनेक यूपीएससी अभ्यर्थियों में निराशा देखी जा रही है।

कई उम्मीदवार वर्षों से इस उम्मीद के साथ तैयारी करते हैं कि चयन के बाद उन्हें अपने गृह राज्य में सेवा करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों में सीधे योगदान दे सकें।

इनसाइडर वैकेंसी समाप्त होने के बाद उनकी यह संभावना काफी कम हो गई है।

बिहार कैडर क्यों है पहली पसंद?

बिहार के अनेक अभ्यर्थी अपने गृह राज्य में सेवा करना चाहते हैं।

इसके पीछे पारिवारिक कारणों के साथ-साथ स्थानीय भाषा, सामाजिक परिस्थितियों और प्रशासनिक चुनौतियों की बेहतर समझ भी प्रमुख वजह मानी जाती है।

कई अधिकारी अपने राज्य में रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कानून-व्यवस्था और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में योगदान देने की इच्छा रखते हैं।

कैडर आवंटन कैसे होता है?

यूपीएससी परीक्षा में चयन के बाद अधिकारियों का कैडर आवंटन केंद्र सरकार की निर्धारित नीति के अनुसार किया जाता है।

इस प्रक्रिया में उम्मीदवार की रैंक, श्रेणी, सेवा वरीयता, कैडर प्राथमिकता और उपलब्ध रिक्तियों जैसे कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है।

अंतिम निर्णय सरकार द्वारा तय नियमों और उपलब्ध पदों के अनुसार लिया जाता है।

विशेषज्ञों की राय

प्रशासनिक सेवाओं के विशेषज्ञों का कहना है कि कैडर आवंटन पूरी तरह एक निर्धारित नीति के तहत किया जाता है और इसमें समय-समय पर रिक्तियों के अनुसार बदलाव होते रहते हैं।

उनके अनुसार, किसी वर्ष किसी राज्य में कुछ श्रेणियों के लिए इनसाइडर रिक्तियां शून्य होना असामान्य नहीं है, हालांकि इससे संबंधित राज्य के अभ्यर्थियों पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ता है।

तैयारी कर रहे छात्रों पर असर

कोचिंग संस्थानों और सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच भी इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभ्यर्थियों को कैडर की बजाय परीक्षा की तैयारी और बेहतर रैंक हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उच्च रैंक कई मामलों में अधिक विकल्प उपलब्ध करा सकती है।

अन्य राज्यों में सेवा का अवसर

यदि बिहार कैडर उपलब्ध नहीं होगा, तो चयनित उम्मीदवारों को देश के अन्य राज्यों में सेवा करने का अवसर मिलेगा।

कई वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि दूसरे राज्यों में कार्य करने से प्रशासनिक अनुभव व्यापक होता है और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है।

सरकार की नीति के अनुरूप होगा आवंटन

कैडर आवंटन पूरी तरह केंद्र सरकार की अधिसूचित नीति के अनुसार किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि सभी उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ही कैडर आवंटित किया जाएगा।

2025 बैच में बिहार कैडर के लिए EWS, सामान्य और OBC श्रेणी की इनसाइडर वैकेंसी शून्य होने से बिहार के यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए अपने गृह राज्य में नियुक्ति पाने की संभावना प्रभावित हुई है।

हालांकि, अंतिम कैडर आवंटन केंद्र सरकार की नीति, उम्मीदवार की रैंक, श्रेणी और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यर्थियों को इस बदलाव से निराश होने के बजाय अपनी तैयारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि सिविल सेवा का उद्देश्य देश के किसी भी हिस्से में प्रभावी प्रशासनिक सेवा देना है।