शराब के साथ जब्त उत्तराखंड सरकार की कार होगी नीलाम, 31 जुलाई को 175 अन्य वाहनों के साथ लगेगी बोली

मुजफ्फरपुर: बिहार में लागू शराबबंदी कानून के उल्लंघन में जब्त किए गए वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इस बार नीलामी की सूची में एक ऐसा वाहन भी शामिल है, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वर्ष 2024 में शराब के साथ जब्त की गई उत्तराखंड सरकार की एक कार अब सार्वजनिक नीलामी के लिए रखी जाएगी। जिला प्रशासन ने इसकी आधार कीमत 1.08 लाख रुपये तय की है।

प्रशासन के अनुसार 31 जुलाई को आयोजित होने वाली नीलामी में इस सरकारी कार सहित कुल 176 वाहन (एक कार और 175 अन्य वाहन) की बोली लगाई जाएगी। इसमें कारों के अलावा मोटरसाइकिल, स्कूटी, ऑटो और अन्य जब्त वाहन भी शामिल हैं। नीलामी की पूरी प्रक्रिया उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी में होगी।

शराबबंदी कानून के तहत हुई थी जब्ती

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बाद राज्यभर में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के दौरान वर्ष 2024 में पुलिस ने एक कार को शराब के साथ पकड़ा था। जांच के दौरान यह सामने आया कि वाहन उत्तराखंड सरकार के नाम पर पंजीकृत है।

वाहन को शराबबंदी कानून के तहत जब्त कर लिया गया और इसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। आवश्यक न्यायिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब इसे नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

क्यों हो रही है नीलामी?

बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत शराब की तस्करी, परिवहन या अवैध शराब से जुड़े मामलों में जब्त किए गए वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीलाम किया जा सकता है।

इसका उद्देश्य लंबे समय तक थानों और उत्पाद विभाग के परिसरों में पड़े वाहनों का निष्पादन करना और सरकार के राजस्व में वृद्धि करना है। जब्त वाहन वर्षों तक खुले में खड़े रहने से उनकी स्थिति खराब होती जाती है। इसलिए समय-समय पर इनकी नीलामी कराई जाती है।

आधार कीमत 1.08 लाख रुपये

जिला प्रशासन ने उत्तराखंड सरकार की इस कार की रिजर्व प्राइस (आधार कीमत) 1,08,000 रुपये निर्धारित की है।

नीलामी के दौरान इच्छुक खरीदार इस आधार मूल्य से अधिक बोली लगाकर वाहन खरीद सकेंगे। सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार वाहन आवंटित किया जाएगा।

176 वाहनों की होगी नीलामी

31 जुलाई को होने वाली नीलामी में कुल 176 जब्त वाहन शामिल किए गए हैं। इनमें—

  • कार
  • मोटरसाइकिल
  • स्कूटी
  • ऑटो रिक्शा
  • अन्य छोटे और बड़े वाहन

शामिल हैं, जिन्हें शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामलों में विभिन्न समय पर जब्त किया गया था।

प्रशासन का कहना है कि सभी वाहनों की सूची पहले ही जारी कर दी गई है ताकि इच्छुक लोग नीलामी में भाग लेने की तैयारी कर सकें।

नीलामी की प्रक्रिया होगी पारदर्शी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी। सभी बोलीदाता निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए भाग ले सकेंगे।

नीलामी से पहले इच्छुक खरीदारों को निर्धारित राशि के साथ आवेदन करना होगा। इसके बाद तय तिथि पर खुली बोली के माध्यम से वाहनों की बिक्री होगी।

शराबबंदी कानून के सख्त अनुपालन का संदेश

प्रशासन का कहना है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है। शराब की तस्करी या अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले किसी भी वाहन को जब्त करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसकी नीलामी की जाती है।

अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से शराब तस्करों में कानून का भय बना रहता है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।

सरकारी वाहन की नीलामी बनी चर्चा का विषय

उत्तराखंड सरकार के नाम पर पंजीकृत कार की नीलामी की खबर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आम तौर पर सरकारी वाहनों का इस तरह नीलामी की सूची में शामिल होना कम ही देखने को मिलता है।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है। यदि कोई वाहन शराबबंदी कानून के उल्लंघन में जब्त किया गया है और उसके संबंध में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, तो उसे नियमों के अनुसार नीलाम किया जा सकता है।

राजस्व में होगी बढ़ोतरी

नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि सरकारी राजस्व में जमा की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे एक ओर जब्त वाहनों का निष्पादन होगा, वहीं दूसरी ओर सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

पिछले वर्षों में भी मुजफ्फरपुर सहित बिहार के कई जिलों में शराबबंदी कानून के तहत जब्त सैकड़ों वाहनों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है।

नीलामी में भाग लेने वालों के लिए निर्देश

जिला प्रशासन ने नीलामी में भाग लेने वाले इच्छुक लोगों के लिए कुछ आवश्यक निर्देश जारी किए हैं—

  • निर्धारित समय से पहले आवेदन करना होगा।
  • आवश्यक दस्तावेज और पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  • निर्धारित सुरक्षा राशि जमा करनी होगी।
  • सफल बोलीदाता को तय समय के भीतर पूरी राशि जमा करनी होगी।
  • भुगतान के बाद वाहन निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया जाएगा।

जांच और कार्रवाई जारी

उत्पाद विभाग ने कहा है कि शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरे जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शराब की तस्करी और अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

प्रशासन का कहना है कि 31 जुलाई को होने वाली नीलामी पूरी तरह नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। इससे जब्त वाहनों का निष्पादन होगा, सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी और शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों को यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए वाहनों को कानूनी कार्रवाई से नहीं बचाया जा सकता।