पेयजल संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; शाहजंगी पंचायत के मोहद्दीनपुर में पानी की आपूर्ति ठप होने पर टंकी संचालक और पीएचईडी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जल जीवन हरियाली और हर घर नल का जल योजना की पोल किस तरह खुल रही है, इसकी एक बानगी हाल ही में शाहजंगी पंचायत के वार्ड नंबर 6 स्थित मोहद्दीनपुर गांव में देखने को मिली है। पिछले कई दिनों से नल-जल योजना के तहत होने वाली पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह से ठप होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को टंकी संचालक और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विभाग और स्थानीय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की।
क्या है पूरा मामला? कई दिनों से प्यासे हैं ग्रामीण
मोहद्दीनपुर गांव में उपजे इस गंभीर जल संकट के पीछे की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है:
ठप पड़ी पानी की आपूर्ति: स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड नंबर 6 स्थित जल मीनार (पानी की टंकी) से पिछले कई दिनों से घरों में पानी की एक बूंद भी सप्लाई नहीं की गई है। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच पानी न मिलने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
संचालक की मनमानी: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि टंकी संचालक की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह संकट पैदा हुआ है। ऑपरेटर कभी समय पर मोटर चालू नहीं करता या फिर विभागीय अनदेखी के चलते पंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: सड़क पर किया प्रदर्शन
पेयजल की समस्या से त्रस्त होकर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर पीएचईडी विभाग और टंकी संचालक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया:
नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन: हाथों में बर्तन और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन विरोधी नारे लगाए। उनका कहना था कि सरकार भले ही हर घर नल का जल पहुंचाने का दावा करती हो, लेकिन धरातल पर अधिकारी और ऑपरेटर मिलकर इस योजना को पलीता लगा रहे हैं।
रोजमर्रा के काम हुए प्रभावित: पानी की किल्लत के कारण महिलाओं को सुबह से ही दूर-दराज के चापाकलों या निजी बोरिंगों की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है। बच्चों की पढ़ाई और घर के दैनिक कामकाज पूरी तरह से चरमरा गए हैं।
पीएचईडी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
इस प्रदर्शन के बाद स्थानीय स्तर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं:
रखरखाव के नाम पर खानापूर्ति: ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन और मोटरों के मेंटेनेंस के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुध लेने वाला नहीं होता। छोटी-सी तकनीकी खराबी आने पर भी उसे हफ्तों तक ठीक नहीं कराया जाता।
अधिकारियों की उदासीनता: स्थानीय लोगों ने कई बार इस बात की शिकायत संबंधित कनीय अभियंता (JE) और विभागीय अधिकारियों से की थी, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले। जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों को बाध्य होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और आगे की सुगबुगाहट
मोहद्दीनपुर में ग्रामीणों के इस उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है:
अधिकारियों का आश्वासन: प्रदर्शन की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रशासनिक कर्मियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और जल्द से जल्द जलापूर्ति चालू करवाने का कड़ा आश्वासन दिया।
जांच और कार्रवाई के निर्देश: उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए टंकी संचालक के रवैये की जांच के आदेश दिए हैं तथा तकनीकी खराबी को तुरंत दुरुस्त कर पानी की सप्लाई बहाल करने की बात कही है।
भागलपुर के शाहजंगी पंचायत के मोहद्दीनपुर में पानी की आपूर्ति ठप होने और इसके खिलाफ ग्रामीणों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि जब बुनियादी सुविधाएं जनता तक नहीं पहुंचतीं, तो उनका गुस्सा किस प्रकार फूटता है। यदि पीएचईडी विभाग और संबंधित संचालक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में यह असंतोष और अधिक उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल, ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आश्वासन के बाद उनके नलों में पानी कब तक सुचारू रूप से आ पाता है।