शाहकुंड में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष, महिला CO सहित 9 लोग घायल; सरकारी टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला

भागलपुर: जिले के शाहकुंड प्रखंड के वासुदेवपुर पंचायत अंतर्गत बरियारपुर गांव में गुरुवार सुबह जमीन विवाद को लेकर हिंसक झड़प हो गई। सरकारी जमीन की मापी कराने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में महिला अंचलाधिकारी (CO) डॉ. हर्षा कोमल, अंचल अमीन और पुलिसकर्मियों समेत कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी जमीन की मापी के दौरान हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, शाहकुंड प्रखंड के बरियारपुर गांव में सरकारी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के समाधान और जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए गुरुवार सुबह अंचल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी।

टीम में महिला अंचलाधिकारी डॉ. हर्षा कोमल, अंचल अमीन और पुलिस बल के जवान शामिल थे। प्रशासनिक टीम सरकारी जमीन की मापी की प्रक्रिया शुरू करने ही वाली थी कि वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।

धीरे-धीरे विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

लाठी-डंडे और लोहे की रड से हमला

ग्रामीणों का आक्रोश अचानक हिंसक रूप में बदल गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने लाठी, डंडे और लोहे की रड लेकर सरकारी टीम को चारों तरफ से घेर लिया।

इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई।

हमले में महिला सीओ डॉ. हर्षा कोमल समेत कई लोग घायल हो गए। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

महिला CO सहित नौ लोग घायल

घटना में घायल सभी लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में महिला अंचलाधिकारी, अंचल अमीन और पुलिस टीम के सदस्य शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारी पर हुए हमले को गंभीर मामला माना जा रहा है, क्योंकि सरकारी कार्यवाही के दौरान इस तरह की हिंसा कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी।

अधिकारियों ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जमीन विवाद बना हिंसा की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। सरकारी जमीन की मापी को लेकर कुछ ग्रामीणों में नाराजगी थी।

प्रशासन का उद्देश्य जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना और रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई करना था, लेकिन विरोध करने वाले लोगों ने हिंसक रास्ता अपना लिया।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से किया जा सकता है, हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

गांव में तनाव का माहौल

घटना के बाद बरियारपुर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों और पुलिस टीम पर हमला गंभीर अपराध है।

प्रशासन इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है। हमला करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सरकारी कर्मियों में नाराजगी

इस घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रशासनिक टीम सरकारी काम के लिए क्षेत्र में जाती है और उस पर हमला होता है, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

जमीन विवादों के समाधान की जरूरत

भागलपुर सहित राज्य के कई जिलों में जमीन विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या बने हुए हैं।

कई बार जमीन की मापी, कब्जा और स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर सुनवाई और रिकॉर्ड की स्पष्टता जरूरी है।

यदि विवादों का समाधान पहले ही कर दिया जाए तो इस तरह की हिंसक घटनाओं को रोका जा सकता है।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं। घटना में घायल लोगों के बयान लिए जा रहे हैं और हमलावरों की पहचान की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन की मापी और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड के बरियारपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। सरकारी जमीन की मापी करने पहुंची महिला अंचलाधिकारी डॉ. हर्षा कोमल और प्रशासनिक टीम पर हमला कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

लाठी, डंडे और लोहे की रड से किए गए हमले में नौ लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

अब सभी की नजर पुलिस कार्रवाई और इस विवाद के आगे के समाधान पर टिकी है। प्रशासन की कोशिश है कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए जमीन विवाद का उचित समाधान निकाला जाए।