विराटपुर पंचायत: बंद जर्जर आंगनबाड़ी भवन से बरामद हुईं शराब की 89 बोतलें; डीएम के निर्देश पर टीम ने ताला तोड़कर की छापेमारी, पुलिस जुटी तस्करों की तलाश में

विराटपुर/सहरसा (बिहार): बिहार के सहरसा जिले के स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली विराटपुर पंचायत से प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के विराटपुर पंचायत के पेंता गांव में स्थित एक बंद और जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र के भवन से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद सक्रिय हुई जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन का ताला तोड़ा और अंदर निरीक्षण किया, जहां से कुल 89 बोतलें शराब की बरामद हुईं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि इतनी बड़ी खेप यहाँ किसने और कब छिपाई थी।

प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, प्रशासनिक और पुलिस महकमे की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मच गई है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के मुख्य बिंदुओं और प्रशासनिक कार्रवाई का एक विस्तृत विश्लेषण।

बंद आंगनबाड़ी भवन का हो रहा था अवैध इस्तेमाल

सरकारी योजनाओं के संचालन के लिए बने भवनों का किस तरह से गलत फायदा उठाया जा रहा था, इसका खुलासा इस छापेमारी से हुआ।

जर्जर और बंद भवन बना सेफ हाउस: पेंता गांव में स्थित जो आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से बंद और जर्जर स्थिति में था, उसका इस्तेमाल शराब तस्करों द्वारा सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जा रहा था।

89 बोतलों की बरामदगी: जांच टीम द्वारा जब ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, तो वहां से अलग-अलग ब्रांड की कुल 89 बोतलें शराब बरामद की गईं, जिन्हें शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया था।

जिलाधिकारी का निर्देश और पुलिस की आगे की कार्रवाई

प्रशासन की सख्ती के बाद इस मामले में ताबड़तोड़ जांच और सुरागकशी शुरू कर दी गई है।

डीएम के आदेश पर कार्रवाई: जिलाधिकारी के विशेष निर्देशों के आलोक में गठित जांच टीम ने त्वरित एक्शन लेते हुए इस स्थल का निरीक्षण किया और अवैध सामान को जब्त किया।

तस्करों की पहचान में जुटी पुलिस: स्थानीय पुलिस अब यह खंगालने का प्रयास कर रही है कि इस बंद पड़े सरकारी भवन की चाबी किसके पास थी और इस अवैध धंधे के पीछे स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग संलिप्त हैं

विराटपुर पंचायत के पेंता स्थित बंद आंगनबाड़ी भवन से शराब की खेप बरामद होना प्रशासनिक सतर्कता का प्रमाण है, साथ ही यह सवाल भी खड़ा करता है कि सरकारी परिसंपत्तियों की देखरेख में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि मुख्य तस्करों तक कब तक पहुंच पाती है।