मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा में फूटा जलापूर्ति पाइप: मरीन ड्राइव रोड पर जलजमाव से बनी नरकीय स्थिति, 25 मीटर तक भरा पानी और दुर्घटनाओं का दौर

स्मार्ट सिटी और विकास के तमाम दावों के बीच मुजफ्फरपुर शहर की जमीनी हकीकत एक बार फिर दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। शहर के व्यस्त और महत्वपूर्ण ब्रह्मपुरा इलाके में मरीन ड्राइव रोड पर जलापूर्ति (Water Supply) का मुख्य पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण भीषण जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। पिछले तीन दिनों से लगातार हज़ारों लीटर शुद्ध पानी सड़क पर बह रहा है, जिसके कारण लगभग 25 मीटर के दायरे में तालाब जैसा नजारा बन गया है।

प्रशासनिक लापरवाही और सुस्त रवैये के कारण इस जलजमाव ने स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए मुसीबत का पहाड़ खड़ा कर दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि आए दिन यहाँ छोटी गाड़ियाँ दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं।

समस्या की जड़: जलापूर्ति पाइप का क्षतिग्रस्त होना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुरा क्षेत्र में मरीन ड्राइव रोड के पास गुजरने वाला जलापूर्ति योजना का मुख्य पाइप पिछले तीन दिनों से फटा हुआ है। पाइप के क्षतिग्रस्त होने के कारण उससे लगातार तेज दबाव के साथ पानी निकल रहा है। चूंकि पानी की निकासी का कोई उचित मार्ग या नाला आसपास सक्रिय नहीं है, इसलिए सारा पानी सड़क पर ही इकट्ठा होता चला गया।

तीन दिनों से उपेक्षा: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की सूचना संबंधित विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को तीन दिन पहले ही दे दी गई थी, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का मुआयना करना तक उचित नहीं समझा।

बर्बाद हो रहा कीमती पानी: जहाँ एक तरफ शहर के कई हिस्सों में लोग पेयजल के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जलापूर्ति पाइप फटने से लाखों लीटर शुद्ध पानी यूं ही सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है।

25 मीटर के दायरे में जलजमाव और वाहन चालकों की मुश्किलें

ब्रह्मपुरा मरीन ड्राइव रोड पर बने इस कृत्रिम 'तालाब' के कारण यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। सड़क के लगभग 25 मीटर हिस्से में घुटने तक पानी भरा हुआ है, जिससे वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

छोटी गाड़ियों की दुर्घटनाएं: इस जलजमाव के बीच सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं, जिसके कारण इस 25 मीटर के रास्ते से गुजरने वाली बाइक, स्कूटी और ई-रिक्शा (ऑटो) जैसी छोटी गाड़ियाँ लगातार दुर्घटना का शिकार हो रही हैं। पिछले तीन दिनों में कई दुपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

पैदल चलना भी दूभर: स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर जाने वाले आम नागरिकों के लिए इस गंदे और जलमग्न रास्ते से पैदल गुजरना असंभव सा हो गया है। मजबूरन लोगों को लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है।

स्थानीय दुकानदारों का कारोबार ठप: सड़क पर पानी भरे होने और बदबू के कारण मरीन ड्राइव के इस हिस्से पर स्थित दुकानों पर ग्राहकों का आना-जाना बंद हो गया है, जिससे स्थानीय दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बीमारी और संक्रमण का मंडराता खतरा

जलजमाव केवल यातायात की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य संकट को भी न्यौता दे रहा है। पिछले तीन दिनों से जमा हुए पानी में मच्छर पनपने लगे हैं और उससे दुर्गंध आने लगी है।

संक्रामक बीमारियों की आशंका: आसपास के रहवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पानी की निकासी और पाइप की मरम्मत नहीं की गई, तो मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।

बच्चों और बुजुर्गों पर खतरा: सबसे ज्यादा चिंता घरों में रहने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर है, जिन्हें दूषित वातावरण और मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का आक्रोश और प्रदर्शन

प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर ब्रह्मपुरा के स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। रविवार को गुस्साए लोगों ने मौके पर प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी ने कहा, "क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का इंतजार कर रहा है? पिछले तीन दिनों से सड़क पर दरिया बह रहा है, गाड़ियाँ पलट रही हैं, लोग जख्मी हो रहे हैं, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। यदि अगले कुछ घंटों में पाइप की मरम्मत कर जलजमाव को ठीक नहीं किया गया, तो हम लोग सड़क जाम करने को बाध्य होंगे।"

प्रशासन की चुप्पी और सुधार की मांग

इस पूरे मामले पर जब संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से केवल 'कार्रवाई का आश्वासन' ही मिला। धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

बुद्धिजीवियों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित त्वरित कदम उठाने की माँग की है:

युद्धस्तर पर पाइप की मरम्मत: क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइप को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि पानी का बहना बंद हो सके।

पंप सेट से पानी की निकासी: सड़क पर जमा 25 मीटर पानी को हटाने के लिए तत्काल प्रभाव से मोटर पंप लगाए जाएं।

सड़क की सफाई और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव: पानी हटने के बाद सड़क की साफ-सफाई की जाए और संक्रमण रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव हो।

ब्रह्मपुरा मरीन ड्राइव रोड पर जलापूर्ति पाइप के फटने और तीन दिनों से जारी जलजमाव ने शहरी विकास प्रबंधन की पोल खोल दी है। एक तरफ जहाँ शहर को सुंदर बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी पाइपलाइन जैसी व्यवस्थाएं भी दम तोड़ती नजर आ रही हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन नींद से जागकर कब तक इस समस्या का समाधान निकालता है।