मौसम का मिजाज बदला; अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज, आगामी दो अगस्त तक बारिश की संभावना से मिलेगी उमस भरी गर्मी से राहत
भागलपुर, वरीय संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर और आसपास के इलाकों में मौसम ने करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बनी उमस भरी चिपचिपाहट भरी गर्मी के बीच तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हुआ। इस बदलाव के साथ ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिलती नजर आ रही है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी, जिससे मौसम सुहावना रहने के आसार हैं।
कैसा रहा तापमान और वायुमंडल का हाल?
मौसम विभाग की ओर से साझा की गई दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, तापमान में आए इस उतार-चढ़ाव के पीछे बादलों का डेरा और पुरवा हवाओं का प्रभाव मुख्य वजह है:
सापेक्ष आर्द्रता (Humidity): नमी की मात्रा अधिक होने के कारण लोगों को उमस का अहसास अभी भी हो रहा है। सुबह के वक्त सापेक्ष आर्द्रता 76 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि दोपहर ढलते-ढलते यह 68 प्रतिशत के आसपास रिकॉर्ड की गई।
हवा की रफ्तार और दिशा: वातावरण में पुरवा हवा 5.2 किलोमीटर प्रति घंटे की हल्की रफ्तार से बहती रही। लगातार चल रही इन हवाओं के कारण आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और शाम के वक्त ठंडी हवाओं से मौसम खुशनुमा हो रहा है।
दो अगस्त तक बारिश के आसार, किसानों के लिए कृषि सलाह
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी दो अगस्त तक दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम का मिजाज मेहरबान रहने की उम्मीद है:
झमाझम बारिश की संभावना: मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दौरान जिले के आसमान में घने बादल छाए रहेंगे तथा कुछेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इस बारिश से जहां आम जनमानस को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी, वहीं कृषि सेक्टर के लिए यह संजीवनी साबित होगी।
धान की रोपाई के लिए मुमुक्षु समय: बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की रोपाई तेज करने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि किसान भाई धान की रोपाई से पहले खेतों में तय मात्रा (जैसे प्रति हेक्टेयर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और जिंक सल्फेट) का उचित इस्तेमाल करें।
जल संचयन पर जोर: सुगंधित धान की किस्मों जैसे प्रसिद्ध 'भागलपुर कतरनी' आदि की बुआई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। साथ ही, निचली जमीनों के चारों ओर मजबूत मेड़ (बांध) बनाकर वर्षा जल का संचयन करने की अपील की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका सिंचाई में सदुपयोग किया जा सके।
भागलपुर में अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही मौसम का यह बदला हुआ रुख राहत लेकर आया है। दो अगस्त तक लगातार बारिश की संभावना ने जहां एक ओर शहरवासियों को चिलचिपाहट भरी गर्मी से निजात दिलाने के संकेत दिए हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी है। मानसून की यह सक्रियता पर्यावरण और कृषि दोनों के लिए बेहद सकारात्मक मानी जा रही है।