बातों में उलझाकर महिला से ठगी, सोने की चेन उतरवाकर थमाया कागज का बंडल; शिकायत के बाद जांच में जुटी पुलिस
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में ठगी की एक और घटना सामने आई है, जहां शातिर ठगों ने एक महिला को अपनी बातों में फंसाकर उसकी सोने की चेन उतरवा ली। आरोप है कि ठगों ने पहले महिला को डांट-फटकार कर मानसिक दबाव में लिया और फिर विश्वास में लेकर उसके गहने उतरवा लिए। इसके बाद महिला के हाथ में कागज का एक बंडल थमा दिया, जिसके भीतर बाद में केवल पत्थर निकला। जब महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तत्काल पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
दिनदहाड़े हुई ठगी की वारदात
जानकारी के अनुसार, महिला किसी काम से शहर के एक इलाके से गुजर रही थी। इसी दौरान दो या अधिक अज्ञात लोग उसके पास पहुंचे और बातचीत शुरू कर दी। कुछ ही देर में उन्होंने महिला को इस तरह बातों में उलझा लिया कि वह उनकी बातों पर भरोसा करने लगी।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, ठगों ने महिला पर मानसिक दबाव बनाने के लिए उसे डांटा और जल्दबाजी का माहौल बनाया। इसी दौरान उन्होंने महिला से उसकी सोने की चेन उतरवा ली।
कागज का बंडल देकर हुए फरार
महिला का विश्वास जीतने के बाद आरोपितों ने उसे एक कागज में लिपटा हुआ बंडल थमा दिया और कहा कि इसे सुरक्षित रख लें। इसके बाद वे मौके से तेजी से चले गए।
कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद जब महिला ने बंडल खोला, तो उसके अंदर कागज के साथ एक पत्थर रखा हुआ था। यह देखकर महिला के होश उड़ गए और उसे समझ में आया कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है।
ठगी का एहसास होते ही पहुंची पुलिस के पास
घटना का पता चलते ही महिला ने आसपास के लोगों से मदद मांगी और फिर नजदीकी पुलिस थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने महिला की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू कर दी है, ताकि आरोपितों की पहचान की जा सके।
सीसीटीवी फुटेज से सुराग की उम्मीद
जांच अधिकारी आसपास की दुकानों, प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपितों की गतिविधियां कैमरों में कैद हुई होंगी, जिससे उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।
यदि संदिग्धों की तस्वीरें मिलती हैं, तो उन्हें अन्य थानों और पुलिस इकाइयों के साथ भी साझा किया जाएगा।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की ठगी के मामले पहले भी विभिन्न शहरों में सामने आते रहे हैं। कई बार ठग खुद को सामाजिक कार्यकर्ता, सरकारी कर्मचारी, धार्मिक व्यक्ति या शुभचिंतक बताकर लोगों का विश्वास जीत लेते हैं।
कुछ मामलों में वे लोगों को डराकर या भ्रमित करके उनके गहने और नकदी लेकर फरार हो जाते हैं।
महिलाओं और बुजुर्गों को बनाते हैं निशाना
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के गिरोह अक्सर अकेली महिलाओं और बुजुर्गों को अपना आसान निशाना बनाते हैं। वे बातचीत के दौरान ऐसा माहौल बनाते हैं कि पीड़ित बिना सोचे-समझे उनकी बात मान लेते हैं।
यही कारण है कि पुलिस समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती रहती है।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अजनबी की बातों में न आएं और सड़क पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने गहने, नकदी या अन्य कीमती सामान किसी को न सौंपें।
यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध व्यवहार करता दिखाई दे या किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश करे, तो तुरंत वहां से हट जाएं और पुलिस को सूचना दें।
साइबर और पारंपरिक ठगी दोनों बढ़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां एक ओर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक तरीके से लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह भी सक्रिय हैं।
ऐसे गिरोह अक्सर भीड़भाड़ वाले बाजार, मंदिर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों को अपना निशाना बनाते हैं।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता से मिली जानकारी, घटनास्थल के निरीक्षण और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
जरूरत पड़ने पर आसपास के जिलों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा, क्योंकि इस प्रकार के गिरोह अक्सर एक जिले में वारदात कर दूसरे जिले की ओर निकल जाते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अजनबियों से दूरी बनाए रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
यदि कोई व्यक्ति बिना कारण बातचीत शुरू करे, डराने या जल्दबाजी में निर्णय लेने का दबाव बनाए, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में आसपास मौजूद लोगों की मदद लेना और पुलिस को सूचना देना सबसे सुरक्षित कदम है।
मुजफ्फरपुर की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि शातिर ठग लोगों की भावनाओं, विश्वास और असावधानी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
इस बीच, नागरिकों के लिए सबसे बड़ा संदेश यही है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद कर भरोसा न करें और अपने कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहें। जागरूकता और सावधानी ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।