छपरा, मोतिहारी, दरभंगा, पूर्णिया और आरा समेत कई इलाकों में आंधी-बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी; लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पटना/भागलपुर (विशेष संवाददाता): बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। राज्य के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच आंधी-तूफान, झमाझम बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। खासकर उत्तर बिहार और उससे सटे इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ने की पूरी संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार को राजधानी पटना से लेकर छपरा (सारण), मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), दरभंगा, पूर्णिया, आरा (भोजपुर), और रोहतास (सासाराम) समेत कुल 25 जिलों में खराब मौसम का असर देखने को मिलेगा। इसे लेकर संबंधित जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रशासनिक अमले और आम नागरिकों को सतर्क कर दिया गया है।
उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में सबसे ज्यादा असर
रविवार को मॉनसूनी गतिविधियों के तहत विशेष रूप से उत्तर बिहार के जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका सबसे अधिक है:
इन जिलों में विशेष चेतावनी: मौसम विभाग के अनुसार, छपरा (सारण), मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), पश्चिमी चंपारण (बेतिया), दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, समस्तीपुर, वैशाली और गोपालगंज जिले में आंधी के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।
सीमांचल और कोसी क्षेत्र: पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिले में भी बादलों के गरजने के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में किसानों और बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण और मध्य बिहार के कई हिस्सों में भी रहेगा खराब मौसम
केवल उत्तर बिहार ही नहीं, बल्कि दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में भी मौसम का मिजाज तल्ख रहने की संभावना है:
प्रमुख जिले: आरा (भोजपुर), बक्सर, रोहतास (सासाराम), कैमूर (भभुआ), औरंगाबाद, और अरवल जिले में भी येलो अलर्ट का प्रभाव रहेगा। इन इलाकों में दोपहर या शाम के वक्त अचानक तेज हवा के झोंके चलने और कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश के साथ वज्रपात होने की आशंका है।
राजधानी पटना का मौसम: राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है। हालांकि, यहाँ किसी बड़े खतरे की चेतावनी नहीं है।
मौसम विभाग की चेतावनी और किसानों के लिए निर्देश
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि रविवार को राज्य के किसी भी हिस्से में अत्यधिक भारी बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज हवाओं (स्कॉल) के कारण खतरा उत्पन्न हो सकता है:
वज्रपात से बचाव: खराब मौसम और बिजली चमकने के दौरान लोगों से अपील की गई है कि वे खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों। किसानों को खासकर खेत में काम करते समय सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी गई है।
प्रशासनिक सतर्कता: आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी संभावित वज्रपात को लेकर ग्रामीण इलाकों में एहतियातन सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
रविवार को बिहार के 25 जिलों में जारी यह येलो अलर्ट इस बात का संकेत है कि मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है और मौसम कभी भी करवट बदल सकता है। छपरा, मोतिहारी, दरभंगा, पूर्णिया, आरा और रोहतास समेत तमाम प्रभावित जिलों के नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घर से बाहर निकलते वक्त मौसम के मिजाज का ध्यान रखें और सुरक्षित रहें