भागलपुर समेत पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की होगी सघन मॉनिटरिंग स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी उच्चस्तरीय समीक्षा, एनएचएम योजनाओं की खुलेगी पोल
भागलपुर : बिहार के स्वास्थ्य महकमे में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक कसावट तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में भागलपुर समेत राज्यभर के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत चल रही तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा शुरू होने जा रही है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के सीधे नेतृत्व और दिशा-निर्देशन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक व्यापक और उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में भागलपुर के सिविल सर्जन, स्वास्थ्य प्रबंधकों के साथ-साथ अन्य सभी जिलों के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी और नोडल पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल होकर अपने-अपने जिलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
समीक्षा बैठक का मुख्य एजेंडा और प्राथमिकताएं
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करना और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना है:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यों का लेखा-जोखा: बैठक के दौरान एनएचएम के तहत आवंटित बजट, उसके सदुपयोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों (RCH), टीकाकरण अभियानों और संस्थागत प्रसव की जमीनी स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी।
अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की पड़ताल: भागलपुर के मायागंज अस्पताल, सदर अस्पताल और विभिन्न अनुमंडलीय अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और साफ-सफाई के मानकों का विशेष रूप से मूल्यांकन होगा।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही, वित्तीय अनियमितता या योजनाओं के क्रियान्वयन में हीला-हवाली करने वाले अधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
भागलपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हलचल
स्वास्थ्य मंत्री के स्तर पर होने वाली इस उच्चस्तरीय समीक्षा की सुगबुगाहट के साथ ही भागलपुर जिला स्वास्थ्य कार्यालय में सरगर्मी तेज हो गई है:
आंकड़ों और फाइलों को अंतिम रूप देने में जुटे अधिकारी: सिविल सर्जन कार्यालय के अधिकारी पिछले कुछ दिनों से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, टीकाकरण के आंकड़ों और चल रहे निर्माण कार्यों की फाइलों को दुरुस्त करने में जुटे हैं ताकि मंत्री के तीखे सवालों का तथ्यात्मक जवाब दिया जा सके।
पूर्व की कमियों को सुधारने की कवायद: हाल ही में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सामने आई कुछ कमियों और शिकायतों को दूर करने के लिए कागजी कोर-कसर पूरी की जा रही है, ताकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान भागलपुर का प्रदर्शन संतोषजनक दिख सके।
आम जनता की उम्मीदें और जमीनी हकीकत
बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं करोड़ों गरीबों का सहारा बनती हैं:
समय पर इलाज और दवाओं की पहुंच: आम जनता और मरीजों की हमेशा से यह शिकायत रही है कि योजनाओं के कागजी आंकड़े चाहे जितने भी शानदार हों, लेकिन अस्पतालों के धरातल पर कई बार दवाएं और सुविधाएं समय पर नहीं मिल पाती हैं।
मंत्री की सख्ती का असर: स्वास्थ्य मंत्री के सीधे हस्तक्षेप और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस समीक्षा से उम्मीद बंधती है कि सुस्त पड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में एक बार फिर गति आएगी और लापरवाह कर्मियों पर नकेल कसेगी।
स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुरू होने जा रही यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भागलपुर समेत पूरे बिहार के स्वास्थ्य परिदृश्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है। कागजी दावों से इतर जमीनी हकीकत को परखने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं में पारदर्शिता लाने की यह पहल यदि धरातल पर पूरी सख्ती से उतरी, तो निश्चित रूप से आम मरीजों को बेहतर और सुलभ चिकित्सीय सेवाएं मिल सकेंगी। बैठक के बाद आने वाले निर्देश राज्य के तमाम अस्पतालों की दशा और दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।