पीरपैंती ट्रायसम भवन में प्रशासनिक कसावट; 15वें और छठे राज्य वित्त आयोग की योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक, धीमी भुगतान गति पर भड़के बीडीओ अभिमन्यु कुमार
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने तथा उनमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। पीरपैंती स्थित ट्रायसम भवन (TRYSEM Building) में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिमन्यु कुमार ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा 15वें केंद्रीय वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनुदानों से संचालित होने वाली विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था। इस दौरान कुछ पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान की सुस्त रफ्तार पर बीडीओ ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को सख्त चेतावनी दी। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक उपस्थिति
पीरपैंती ट्रायसम भवन में आयोजित इस बैठक में पंचायत स्तर के विकास कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया:
अधिकारियों की मौजूदगी: बैठक में प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव (Secretary), रोजगार सेवक, आवास सहायक और विभिन्न योजनाओं से जुड़े तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
योजनाओं की फाइल वार समीक्षा: बीडीओ अभिमन्यु कुमार ने एक-एक कर सभी पंचायतों में 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) और छठे राज्य वित्त आयोग (6th State Finance Commission) के तहत स्वीकृत योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने देखा कि किस पंचायत में कौन सी योजना पूरी हो चुकी है और किसमें काम अभी अधूरा है।
धीमी भुगतान गति पर भड़के बीडीओ अभिमन्यु कुमार, लगाई फटकार
समीक्षा के दौरान जब वित्तीय लेन-देन और योजनाओं के पूरा होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया का लेखा-जोखा सामने आया, तो कई पंचायतों की स्थिति बेहद निराशाजनक पाई गई:
कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: बीडीओ अभिमन्यु कुमार ने कुछ पंचायतों में कार्यों के पूरा होने के बावजूद वेंडर भुगतान या योजनाओं की फाईलें लंबित रखने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं के पैसों का समय पर उपयोग और भुगतान न होना जनता के विकास के साथ खिलवाड़ है।
सुधार के लिए अंतिम अल्टीमेटम: बीडीओ ने संबंधित पंचायत सचिवों और कर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन-जिन पंचायतों में भुगतान की गति धीमी है, वे अगले कुछ दिनों के भीतर सभी लंबित भुगतानों को हर हाल में पूरा करें, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन और आवास योजनाओं की प्रगति पर मंथन
वित्त आयोग की समीक्षा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य दो बेहद महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी गहन चर्चा हुई:
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): गांवों में साफ-सफाई, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (Solid and Liquid Waste Management) तथा सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और रखरखाव की स्थिति की समीक्षा की गई। बीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी गांवों में स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए और ओडीएफ (ODF Plus) के मानकों को सख्ती से लागू किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): ग्रामीण क्षेत्रों के बेघर और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने वाली इस योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति परखी गई। जिन लाभुकों ने अब तक अपने आवास की किस्तें मिलने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं किया है, उन्हें शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि आवास निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही या बिचौलियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीरपैंती ट्रायसम भवन में आयोजित 15वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग की योजनाओं की यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक चुस्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई है। बीडीओ अभिमन्यु कुमार द्वारा धीमी भुगतान गति पर दिखाई गई सख्ती से पंचायत स्तर के कर्मियों में हड़कंप मच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस प्रशासनिक कसावट के बाद पीरपैंती प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण जनता को मिलेगा।