मालवाहक ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुआ प्रवेश द्वार, मची अफरातफरी
भागलपुर/सबौर: गुरुवार को सबौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाबूपुर गेट के पास एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। एनएच-80 (NH-80) मार्ग पर स्थित इस गेट से एक मालवाहक ट्रक की जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे गेट का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद इलाके में घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही और आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। गनीमत रही कि हादसे के समय गेट के नीचे से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा यह दुर्घटना भीषण जान-माल के नुकसान में बदल सकती थी।
घटना का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना गुरुवार की दोपहर उस समय हुई जब एक भारी मालवाहक ट्रक सबौर एनएच-80 की ओर तेजी से आ रहा था। ट्रक चालक शायद गेट की ऊंचाई का सही अंदाजा नहीं लगा सका या फिर वाहन की गति अनियंत्रित थी। गेट के नीचे से गुजरने के प्रयास में ट्रक का ऊपरी हिस्सा गेट के ढांचे से जोर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गेट में लगी सरिया और कंक्रीट का हिस्सा टूटकर सड़क पर बिखर गया।
आवाज सुनते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। लोग दौड़कर घटना स्थल की ओर पहुंचे, तब तक ट्रक चालक अपना वाहन थोड़ा पीछे कर घटनास्थल से भागने की कोशिश कर रहा था। स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण ट्रक को तुरंत रोक लिया गया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
ट्रैफिक पुलिस की जांच और कार्रवाई
सूचना मिलते ही सबौर थाना और ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त गेट का बारीकी से निरीक्षण किया। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह चालक की लापरवाही का मामला प्रतीत हो रहा है। ट्रक को जब्त कर थाने ले जाया गया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ट्रक में ओवरलोडिंग थी, जिसके कारण वाहन की ऊंचाई मानक से अधिक हो गई थी और वह गेट से टकराया।
मरम्मत की कवायद और गेट मालिक का पक्ष
दुर्घटना के बाद गेट के मालिक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी तत्काल मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। गेट मालिक का कहना है कि उन्होंने इस ढांचे का निर्माण सुरक्षा और व्यवस्थित प्रवेश के लिए किया था, लेकिन बार-बार भारी वाहनों के टकराने से इसे भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि एनएच-80 के इस हिस्से पर भारी वाहनों की गति और ऊंचाई को नियंत्रित करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। मालिक ने बताया कि मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा, ताकि यातायात में बाधा न आए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
एनएच-80 पर बढ़ता यातायात और खतरों का सबब
बाबूपुर गेट की यह घटना कोई पहली बार नहीं है। एनएच-80 के इस व्यस्त मार्ग पर आए दिन मालवाहक वाहनों की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर लगे साइनबोर्ड और सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया जाता है। अक्सर ट्रक ड्राइवर संकरी सड़कों पर भी तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे छोटे वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में आक्रोश
घटना स्थल के पास दुकान चलाने वाले लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते सड़कों के किनारे अतिक्रमण और अनियंत्रित वाहनों पर लगाम नहीं लगाता है, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि:
साइनबोर्ड की स्थापना: गेट के पास ऊंचाई की चेतावनी देने वाले बड़े बोर्ड लगाए जाएं।
पुलिस गश्त: इस मार्ग पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण रखा जा सके।
सड़क का चौड़ीकरण: एनएच-80 के इस हिस्से का जल्द से जल्द चौड़ीकरण किया जाए ताकि बड़े वाहनों को निकलने में असुविधा न हो।
बाबूपुर गेट के क्षतिग्रस्त होने की यह घटना एक चेतावनी है। एक तरफ जहां पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और यातायात के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन, वाहन चालकों और सड़क के किनारे निर्माण करने वाले मालिकों को आपस में समन्वय बनाकर सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन करना होगा।
फिलहाल, पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही दुर्घटना के असली कारणों और मुआवजे (यदि लागू हो) की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक, बाबूपुर गेट के पास से गुजरने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।