बिहार में जल्द भरे जाएंगे एससीईआरटी के रिक्त पद, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों के साथ बैठक में दिए निर्देश

पटना। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एससीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिषद में पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञों और कर्मियों की उपलब्धता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी।

बैठक में एससीईआरटी की वर्तमान कार्यप्रणाली, रिक्त पदों की स्थिति, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोध गतिविधियों, पाठ्यक्रम विकास और शैक्षणिक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

शिक्षा मंत्री ने कहा कि एससीईआरटी राज्य की शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण संस्थान है। यह संस्था विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने, नई शिक्षण पद्धतियों को विकसित करने तथा पाठ्यक्रम निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में यदि परिषद में आवश्यक पद खाली रहेंगे तो इसके कार्य प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रिक्त पदों को भरना नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, प्रभावी और छात्रों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। इसके लिए योग्य और अनुभवी मानव संसाधन की नियुक्ति आवश्यक है।

शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मिलेगी गति

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि राज्य के शिक्षकों को समय-समय पर आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। एससीईआरटी की भूमिका इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण है।

रिक्त पद भरने के बाद परिषद विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार कर सकेगी। इससे सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और कक्षा में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।

नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एससीईआरटी को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। इसके लिए शोध, नवाचार, डिजिटल शिक्षण सामग्री और आधुनिक पाठ्यक्रम विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा प्रणाली को भी आधुनिक बनाना जरूरी है ताकि बिहार के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

एससीईआरटी केवल प्रशिक्षण देने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर शोध भी करती है। परिषद स्कूल शिक्षा में सुधार के लिए नए मॉडल तैयार करती है और समय-समय पर अध्ययन रिपोर्ट भी जारी करती है।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि रिक्त पदों के भर जाने से शोध कार्यों में तेजी आएगी। इससे राज्य की शिक्षा नीति को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

डिजिटल शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल, ई-कंटेंट, डिजिटल पाठ्य सामग्री और स्मार्ट क्लासरूम से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग बढ़ने से छात्रों और शिक्षकों दोनों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों तक भी आधुनिक शिक्षण संसाधन पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

रिक्त पदों की सूची तैयार करने के निर्देश

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद में सभी रिक्त पदों की अद्यतन सूची तैयार कर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होगी।

विभागीय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएंगी ताकि लंबे समय से खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जा सके।

शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने किया स्वागत

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एससीईआरटी में नियुक्तियां होने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे थे।

विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त संख्या में शैक्षणिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और प्रशिक्षकों की नियुक्ति होने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

छात्रों को भी मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ

एससीईआरटी की कार्यक्षमता बढ़ने का सीधा लाभ राज्य के लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा। बेहतर प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक पाठ्यक्रम, नवीन शिक्षण पद्धति और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री छात्रों की सीखने की क्षमता को मजबूत करेगी।

इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए भी छात्रों को मजबूत शैक्षणिक आधार मिलेगा। इससे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर होने की संभावना है।

सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा

बिहार सरकार लगातार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठा रही है। नए विद्यालय भवनों का निर्माण, शिक्षकों की नियुक्ति, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, पुस्तक वितरण, छात्रवृत्ति योजनाएं और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार जैसे अनेक कार्यक्रम पहले से संचालित हैं।

इसी क्रम में अब एससीईआरटी के रिक्त पदों को भरने का निर्णय भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो परिषद की कार्यक्षमता बढ़ेगी, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तेजी आएगी और राज्य में शिक्षा सुधार के प्रयासों को नई गति मिलेगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इससे बिहार की विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।