ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की मासिक बैठक में औद्योगिक विकास और सुरक्षा पर मंथन; अगस्त में साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय, सितंबर में विक्रमशिला सेतु बंद होने की समस्या पर गंभीर चर्चा
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: बिहार के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र भागलपुर में उद्यमियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के शीर्ष संगठन इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (Eastern Bihar Industries Association - EBIA) की एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक आयोजित की गई। संगठन के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापारिक चुनौतियों और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की शुरुआत में पिछले माह के दौरान संघ द्वारा किए गए कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही, आने वाले महीनों में व्यापार जगत और आम जनता से जुड़े कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए गए। एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से यह तय किया है कि आगामी अगस्त महीने में शहर में एक भव्य साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जबकि सितंबर के महीने में संभावित रूप से विक्रमशिला सेतु के बंद होने से उत्पन्न होने वाली परिवहन व व्यावसायिक समस्याओं पर गंभीर चर्चा करते हुए प्रशासनिक स्तर पर ठोस विकल्प तलाशने की मांग उठाने का निर्णय लिया गया।
पिछले माह की गतिविधियों की समीक्षा और उद्योग जगत की वर्तमान स्थिति
बैठक के एजेंडे के अनुसार, सबसे पहले पिछले महीने की उपलब्धियों, प्रशासनिक बैठकों और औद्योगिक विकास के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भागलपुर में उद्योगों के विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और व्यापारियों की समस्याओं का समय पर समाधान कराना संघ की मुख्य प्राथमिकता है।
व्यापारिक सुरक्षा और सहूलियतें: समीक्षा बैठक के दौरान इस बात पर संतोष व्यक्त किया गया कि पिछले माह स्थानीय प्रशासन के साथ हुए संवाद के बाद कई व्यावसायिक मामलों में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
नई इकाइयों की स्थापना पर जोर: बैठक में इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि भागलपुर के पारंपरिक उद्योगों—विशेषकर सिल्क उद्योग, कृषि आधारित उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME)—को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ धरातल पर कैसे उतारा जाए।
अगस्त में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का बड़ा निर्णय
आज के डिजिटल युग में जहां एक ओर व्यापार ऑनलाइन माध्यमों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी खतरनाक रूप से बढ़ते जा रहे हैं। भागलपुर के व्यापारी और उद्यमी भी कई बार इन डिजिटल अपराधियों के निशाने पर आ चुके हैं।
व्यापारियों को तकनीकी सुरक्षा प्रदान करना: इसे ध्यान में रखते हुए इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने आगामी अगस्त महीने में एक विशेष 'साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम' (Cyber Security Awareness Program) आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों की होगी सहभागिता: इस कार्यक्रम में साइबर सेल के विशेषज्ञों, तकनीकी जानकारों और पुलिस अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो स्थानीय उद्यमियों, दुकानदारों और उनके कर्मचारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय, डिजिटल सेफ्टी प्रोटोकॉल और सुरक्षित वित्तीय लेन-देन के तरीकों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित करेंगे। संघ का मानना है कि इस पहल से भागलपुर का व्यापारी समाज तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और सतर्क हो सकेगा।
सितंबर में विक्रमशिला सेतु बंद होने की आशंका पर गहरी चिंता और मंथन
बैठक का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा भागलपुर की लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु (Vikramshila Setu) रहा। उत्तर बिहार और झारखंड-बंगाल को जोड़ने वाले इस एकमात्र व्यस्त पुल पर मरम्मत कार्यों या अन्य कारणों से सितंबर महीने में इसके आंशिक या पूर्ण रूप से बंद होने की चर्चाओं ने उद्यमियों की नींद उड़ा दी है।
आवागमन और माल ढुलाई पर पड़ेगा भारी असर: अध्यक्ष आलोक अग्रवाल और अन्य सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सितंबर में विक्रमशिला सेतु बंद होता है, तो इससे न केवल आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होगा, बल्कि भागलपुर का पूरा औद्योगिक और व्यावसायिक आपूर्ति तंत्र (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
माल की ढुलाई ठप होने का खतरा: कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों को अन्य राज्यों में भेजने वाले ट्रक और मालवाहक वाहन इस जाम या मार्ग परिवर्तन के कारण घंटों फंस जाएंगे, जिससे स्थानीय उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग: एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि इस संबंध में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और सेतु निगम के अधिकारियों से मिलकर एक ज्ञापन सौंपेगा। संघ ने मांग की है कि यदि सेतु पर मरम्मत कार्य अनिवार्य है, तो भारी वाहनों के लिए कोई ठोस वैकल्पिक मार्ग (जैसे पीपा पुल या जलमार्ग आधारित व्यवस्था) पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां बाधित न हों।
बैठक में मौजूद प्रमुख उद्योगपतियों के सुझाव
बैठक के दौरान इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने भागलपुर के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव रखे।
सदस्यों ने कहा कि भागलपुर में पावर सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और लेबर से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का यदि त्वरित समाधान हो जाए, तो नए निवेशक यहां निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।
अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि संघ हमेशा व्यापारियों और उद्योगपतियों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। प्रशासनिक स्तर पर आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए एसोसिएशन लगातार संवाद का रास्ता अपनाता रहेगा।
भागलपुर में ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की यह मासिक बैठक न केवल पिछले कार्यों का लेखा-जोखा पेश करने वाली रही, बल्कि आने वाले दिनों की चुनौतियों से निपटने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी तैयार कर गई। अगस्त में साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय जहां व्यापारियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाएगा, वहीं सितंबर में विक्रमशिला सेतु बंद होने की स्थिति पर समय रहते प्रशासनिक ध्यान आकर्षित करने की पहल भागलपुर के व्यापारिक जगत के लिए बेहद दूरदर्शी कदम साबित होगी।