नवगछिया के जी.बी. कॉलेज में 'विश्व युवा कौशल दिवस' पर मंथन प्राचार्य बोले - 'कौशल ही आज के युवाओं की असली शक्ति'
नवगछिया (भागलपुर): भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित जी.बी. कॉलेज में बुधवार को 'विश्व युवा कौशल दिवस' के उपलक्ष्य में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय 'भविष्य के लिए कौशल और नवाचार' था। कॉलेज परिसर में आयोजित इस सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने की।
कौशल विकास का महत्व: भविष्य की बुनियाद
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि आज का युग डिग्री से अधिक 'स्किल' (कौशल) का युग है। उन्होंने कहा, "सिर्फ किताबी ज्ञान हासिल करना काफी नहीं है। आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में वही युवा टिक सकता है जिसके पास रचनात्मक सोच और व्यावहारिक कौशल हो। जी.बी. कॉलेज अपने छात्रों को केवल स्नातक की डिग्री नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।"
प्राचार्य ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नवाचार (Innovation) को अपनाएं। उन्होंने कहा कि तकनीक बदल रही है और युवाओं को भी अपनी मानसिकता और कौशल को उसी के अनुरूप ढालना होगा।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: तकनीकी और व्यावहारिक कौशल
संगोष्ठी में आमंत्रित विषय विशेषज्ञों ने युवाओं को कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए। विशेषज्ञों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
डिजिटल साक्षरता: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग जैसे आधुनिक विषयों में रुचि लेना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।
सॉफ्ट स्किल्स: संचार कौशल (Communication Skills), टीम वर्क और समस्या समाधान (Problem Solving) की क्षमता विकसित करना करियर में सफलता के लिए अनिवार्य है।
उद्यमिता (Entrepreneurship): युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनने की दिशा में सोचना चाहिए। स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसरों की पहचान करना कौशल विकास का एक बड़ा हिस्सा है।
छात्रों में उत्साह: प्रश्नोत्तर सत्र
संगोष्ठी के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र सबसे आकर्षक रहा। छात्रों ने अपने करियर, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास के लिए कॉलेज की भूमिका पर कई सवाल पूछे। तृतीय वर्ष के छात्र राहुल कुमार ने जब पूछा कि एक छात्र पढ़ाई के साथ कौशल कैसे सीख सकता है, तो विशेषज्ञों ने 'टाइम मैनेजमेंट' और 'ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स' पर ध्यान देने की सलाह दी।
संकाय सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कॉलेज किस प्रकार आने वाले सत्रों में वोकेशनल कोर्स और कार्यशालाओं की संख्या बढ़ाने जा रहा है।
नवाचार और कौशल: एक नया दृष्टिकोण
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज में 'स्किल हब' बनाने की रूपरेखा भी साझा की गई। इसके तहत:
प्रशिक्षण कार्यशालाएं: हर महीने कौशल विकास पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
उद्योग जगत से संपर्क: स्थानीय उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों को आमंत्रित कर छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
मेंटरशिप प्रोग्राम: वरिष्ठ छात्रों और विशेषज्ञों के साथ छात्रों को मेंटरिंग दी जाएगी ताकि वे अपने करियर को लेकर स्पष्ट हो सकें।
विकसित युवा, विकसित भारत
विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित यह संगोष्ठी केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह नवगछिया के युवाओं को एक नई दिशा दिखाने का प्रयास था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नवगछिया के छात्र अपने कौशल को निखारते हैं, तो वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कॉलेज प्रशासन ने संकल्प लिया कि वे छात्रों के कौशल विकास के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएंगे ताकि जी.बी. कॉलेज का हर छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहे। इस मौके पर बड़ी संख्या में कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और नगर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।