बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसायटी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने किया मुजफ्फरपुर कैंसर अस्पताल का दौरा; चिकित्सा सुविधाओं और विस्तार कार्यों का लिया जायजा
मुजफ्फरपुर: बिहार में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ छेड़ी गई जंग और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में हाल ही में बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसायटी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने मुजफ्फरपुर स्थित अत्याधुनिक होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का दौरा किया। इस उच्चस्तरीय दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता और भविष्य की विस्तार योजनाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।
अस्पताल के विभिन्न वार्डों और ओपीडी का निरीक्षण
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने अपने इस दौरे की शुरुआत अस्पताल के मुख्य भवन से की। उन्होंने ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग), इंडोर वार्ड, कीमोथेरेपी यूनिट, सर्जिकल वार्ड और रेडियोलॉजी विभाग का एक-एक करके निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद किया। मरीजों से यह जाना गया कि उन्हें अस्पताल में किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है और टाटा मेमोरियल सेंटर (मुमुंबई) के मानकों के अनुरूप मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं व दवाइयां समय पर मिल रही हैं या नहीं।
अस्पताल के प्रभारी और वरिष्ठ चिकित्सकों ने अधिकारी को अब तक की प्रगति रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान विशेष रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आने वाले कैंसर रोगियों को किस प्रकार न्यूनतम समय में उच्च कोटि का उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
रेडियोथेरेपी और उन्नत मशीनों की स्थापना की समीक्षा
दौरे का एक मुख्य उद्देश्य अस्पताल में उन्नत चिकित्सीय तकनीकों, विशेषकर रेडियोथेरेपी यूनिट के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने अत्याधुनिक मशीनों के इंस्टॉलेशन और तकनीकी पहलुओं का मुआयना किया। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से बात कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि तय समयसीमा के भीतर रेडियोथेरेपी सेवाएं पूरी क्षमता के साथ शुरू कर दी जाएं, ताकि मरीजों को इसके लिए महानगरों या अन्य राज्यों के चक्कर न काटने पड़ें।
समीक्षा बैठक में प्रशासनिक और बुनियादी मुद्दों पर मंथन
निरीक्षण के उपरांत अस्पताल सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई। इस बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया:
आयुष्मान भारत योजना का लाभ: कैंसर जैसी महंगी बीमारी के इलाज में गरीब मरीजों को किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए, इसके लिए 'आयुष्मान सहभागिता' और सरकारी योजनाओं के तहत रियायती व मुफ्त इलाज की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया गया।
मैनपावर और विशेषज्ञों की उपलब्धता: अस्पताल में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सेस और तकनीकी सहायकों के पदों की समीक्षा की गई ताकि बढ़ते मरीजों के दबाव को संतुलित किया जा सके।
अनुसंधान और प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी (रोकथाम एवं जांच): केवल इलाज तक सीमित न रहकर ग्रामीण स्तर पर कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग कैंप्स और जागरूकता अभियानों को और अधिक व्यापक बनाने के निर्देश दिए गए।
मरीजों और उनके तीमारदारों को मिली राहत की उम्मीद
बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस प्रकार के औचक और नियमित निरीक्षण से अस्पताल की कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता एवं कसावट आ रही है। स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे मुजफ्फरपुर का यह कैंसर संस्थान देश के बेहतरीन चिकित्सीय केंद्रों में अपनी साख को और मजबूत करेगा।
बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा मुजफ्फरपुर कैंसर अस्पताल का यह दौरा इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन राज्य के हर नागरिक तक सुलभ, सस्ती और विश्वस्तरीय कैंसर चिकित्सा पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। आने वाले दिनों में यहां शुरू होने वाली नई तकनीकों और सुविधाओं से उत्तर बिहार के कैंसर मरीजों को एक नई जिंदगी की आस बंधेगी।