मायागंज अस्पताल की महिला गार्ड के कमरे में दुस्साहसिक चोरी; 10 हजार नकद और चांदी के गहनों पर हाथ साफ, पुलिस जांच में जुटी
भागलपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) परिसर में सुरक्षा व्यवस्था फिर एक बार सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर के भीतर ही कार्यरत एक महिला सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में हुई चोरी की घटना ने न केवल कर्मचारियों में दहशत फैला दी है, बल्कि अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा दावों की पोल भी खोल दी है। पीड़ित महिला गार्ड ने बरारी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने अपने कमरे से हजारों रुपये नकद और कीमती जेवरात चोरी होने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मायागंज अस्पताल में सुरक्षाकर्मी के पद पर तैनात रूना देवी अस्पताल परिसर के पास ही किराए के कमरे में रहती हैं। रूना देवी का काम अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन खुद उनका अपना आशियाना ही असुरक्षित साबित हुआ।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 18 जुलाई को निजी कारणों से अपने पैतृक गांव गई थीं। घर की सुरक्षा सुनिश्चित कर वे निश्चिंत होकर गई थीं, लेकिन जब 20 जुलाई की सुबह वे वापस लौटीं, तो उनके होश उड़ गए। उनके कमरे का ताला टूटा हुआ था और अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था।
चोरों ने निशाना बनाकर की चोरी
रूना देवी ने बताया कि जब उन्होंने अलमारी और संदूक की जांच की, तो वहां रखे 10,000 रुपये नकद गायब थे। इसके अलावा, उन्होंने अपने मेहनत की कमाई से खरीदे गए चांदी के गहने भी सुरक्षित रखे थे, जिन्हें चोरों ने पूरी तरह से साफ कर दिया।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने यह गहने और पैसे बड़ी मुश्किल से जमा किए थे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिला गार्ड ने तत्काल बरारी थाना पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुआयना किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
बरारी थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
पुलिस के अनुसार, यह घटना किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा अंजाम दी गई है जिसे पहले से जानकारी थी कि महिला गार्ड गांव गई हुई है। इस 'रेकी' (Reiki) के कोण से भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है ताकि कोई सुराग मिल सके।
अस्पताल परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
मायागंज अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मियों के साथ ही इस तरह की घटना होना काफी गंभीर मामला है। अस्पताल में हर वक्त हजारों लोगों की भीड़ रहती है, लेकिन स्टाफ के निजी आवासों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर अस्पताल परिसर में रहने वाले कर्मचारियों के कमरे सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मरीजों और परिजनों की सुरक्षा का क्या होगा? कर्मचारियों ने मांग की है कि परिसर के आसपास रात्रि गश्त (Night Patrol) बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए और अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
डर के साये में कर्मचारी
रूना देवी की इस आपबीती ने अन्य महिला कर्मचारियों में भी असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। कई महिला कर्मचारी जो ड्यूटी के बाद अकेले अपने कमरों में जाती हैं, वे अब डरी हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा हो ताकि उन्हें फिर से अपने घर में रहने का साहस मिल सके।
पुलिस का आश्वासन
बरारी थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और महिला गार्ड का सामान बरामद करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
मायागंज अस्पताल परिसर में हुई यह चोरी केवल एक छोटी घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा में बड़ी चूक का संकेत है। प्रशासन को इस घटना को सबक के तौर पर लेते हुए परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। एक सुरक्षाकर्मी का घर सुरक्षित न होना प्रशासन के लिए शर्मनाक है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक इस मामले का खुलासा करती है और महिला गार्ड को न्याय मिलता है।