मुजफ्फरपुर में उत्तर प्रदेश की महिला गायिका चंदा रानी की भीड़ द्वारा पिटाई: नशे की हालत में बच्चा चोर समझकर लोगों ने पीटा, पुलिस ने बचाया

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ उत्तर प्रदेश की एक महिला लोक गायिका चंदा रानी को स्थानीय भीड़ ने बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट दिया। घटना के वक्त वह कथित तौर पर अत्यधिक नशे में थीं। गनीमत यह रही कि समय रहते मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर गायिका को उग्र भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया और हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है और कानून-व्यवस्था तथा आम जनता के बीच बढ़ती कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरी घटना? (भगवानपुर चौक का घटनाक्रम)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मुजफ्फरपुर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार भगवानपुर चौक के पास घटी। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली युवा गायिका चंदा रानी किसी सिलसिले में बिहार आई हुई थीं। घटना के दिन दोपहर के वक्त वह अत्यधिक नशे (बीयर के सेवन) की हालत में थीं।

गलतफहमी और बच्चे का हाथ पकड़ना: नशे में धुत होने के कारण चंदा रानी को रास्ते में एक तीन-चार साल का बच्चा दिखाई दिया। उन्हें लगा कि वह बच्चा उनके अपने इलाके का ही कोई परिचित है। इसी गलतफहमी में उन्होंने उस बच्चे का हाथ पकड़ लिया और उसे समोसा खिलाने के बहाने अपने साथ ले जाने लगीं।

बच्चे का शोर मचाना और भीड़ का एकत्र होना: अचानक एक अनजान महिला द्वारा हाथ पकड़े जाने और अपने साथ ले जाने की कोशिश से बच्चा डर गया और उसने जोर-जोर से रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्चे के शोर मचाते ही आसपास के स्थानीय लोग और राहगीर वहां इकट्ठा हो गए।

भीड़ का गुस्सा और पिटाई: देश और राज्यों के विभिन्न हिस्सों में इन दिनों 'बच्चा चोर' गिरोह की अफवाहें आम हैं। इसी शक के आधार पर गुस्साई भीड़ ने बिना कुछ सोचे-समझे महिला को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। नशे में होने के कारण महिला खुद का बचाव भी ठीक से नहीं कर पा रही थी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और थाने में खुलासे

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सदर थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद उग्र भीड़ को तितर-बितर किया और किसी तरह महिला गायिका को सुरक्षित अपनी हिरासत में लेकर थाने ले आई।

गायिका का बयान: सदर थाने में जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने अपना नाम चंदा रानी बताया और कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की रहने वाली एक गायिका है। उसने पुलिस को बताया कि वह शनिवार को अपने घर से दरभंगा के लिए निकली थी, जहां उसे एक स्टूडियो में भोजपुरी गाने की शूटिंग में हिस्सा लेना था। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने काफी बीयर पी रखी थी, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से असहज थी और गलतफहमी में यह सब हो गया।

बच्चे की माँ की शिकायत: दूसरी ओर, अहियापुर के पटियासा की रहने वाली बच्चे की माँ चंदन देवी ने सदर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने पति के साथ बैरिया में किराए पर रहकर कचरा चुनने और बेचने का काम करती है। घटना के समय वे भगवानपुर चौक के पास एक होटल में खाना खा रहे थे और उनका बच्चा पास में खेल रहा था, तभी उक्त महिला ने उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का प्रयास किया।

प्रशासनिक और कानूनी पहलू

सदर थानेदार नवलेश कुमार ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि महिला द्वारा दिए गए बयानों, उसके दावों और उससे जुड़े यूट्यूब वीडियो व सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की सत्यता की जांच की जा रही है। इसके अलावा, दरभंगा के संबंधित स्टूडियो संचालक से भी संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उसके उत्तर प्रदेश से बिहार आने के उद्देश्य की पुष्टि की जा सके। पुलिस दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मुजफ्फरपुर में उत्तर प्रदेश की गायिका चंदा रानी के साथ हुई यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त असहिष्णुता, भीड़तंत्र (Mob Lynching / Mob Violence) और अफवाहों के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। भले ही महिला नशे की हालत में थी और उसकी हरकत संदिग्ध लगी हो, लेकिन कानून को अपने हाथ में लेकर किसी की भी इस तरह पिटाई करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अमानवीय है। यह घटना प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर आत्ममंथन का विषय है कि जनता में कानून के प्रति विश्वास कायम करने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए और कितने कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।