मोतीपुर के सिंगैला गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चार मजदूर गंभीर रूप से झुलसे, छत ढलाई के दौरान हुआ हादसा
मुजफ्फरपुर: जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के सिंगैला गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन मकान की छत की ढलाई के दौरान चार मजदूर हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से चारों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद ठेकेदार और वहां मौजूद कुछ अन्य मजदूर मौके से फरार हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
छत ढलाई के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिंगैला गांव में एक निर्माणाधीन मकान की छत की ढलाई का कार्य चल रहा था। मजदूर छत पर सरिया, मशीन और अन्य निर्माण सामग्री के साथ काम कर रहे थे।
इसी दौरान किसी लोहे के सरिये या निर्माण उपकरण का संपर्क मकान के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार से हो गया। देखते ही देखते तेज करंट पूरे ढांचे में फैल गया और वहां काम कर रहे चार मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
करंट लगते ही मजदूर चीखने लगे और मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
चारों मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
हादसे में चारों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मजदूरों के शरीर का बड़ा हिस्सा जल गया।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और अन्य लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा गया और एंबुलेंस व अन्य वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
हादसे के बाद ठेकेदार फरार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्घटना के तुरंत बाद निर्माण कार्य करा रहा ठेकेदार और वहां मौजूद कुछ अन्य मजदूर घटनास्थल से चले गए।
ग्रामीणों ने कहा कि हादसे के बाद घायलों की मदद करने के बजाय जिम्मेदार लोग मौके से गायब हो गए। इससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद इस पहलू की भी जांच की जाएगी कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना के बाद निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईटेंशन बिजली लाइनों के पास निर्माण कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक होता है। यदि सुरक्षा दूरी का पालन नहीं किया जाए तो इस प्रकार के हादसे हो सकते हैं।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरण, इंसुलेटेड उपकरण और पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था होना भी आवश्यक माना जाता है।
ग्रामीणों ने तत्काल पहुंचाई मदद
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
ग्रामीणों ने एंबुलेंस आने तक अपने निजी वाहनों की भी व्यवस्था की और घायलों को शीघ्र इलाज दिलाने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर मदद मिलने से मजदूरों की जान बचाने में सहायता मिली।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग से भी मांगी जाएगी जानकारी
पुलिस और प्रशासन बिजली विभाग से भी जानकारी जुटाएंगे कि संबंधित हाईटेंशन लाइन की स्थिति क्या थी और निर्माण कार्य के दौरान कोई सुरक्षा अनुमति या दिशा-निर्देश जारी किए गए थे या नहीं।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि निर्माण कार्य बिजली लाइन के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं।
मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठी बहस
इस हादसे के बाद एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई है।
श्रम विशेषज्ञों का कहना है कि भवन निर्माण के दौरान मजदूरों को हेलमेट, दस्ताने, सुरक्षा जूते और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होना चाहिए।
साथ ही, हाईटेंशन लाइन के आसपास कार्य शुरू करने से पहले बिजली विभाग से समन्वय और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही, घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
जांच जारी
फिलहाल चारों घायल मजदूर अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।