धमदाहा में गुरु माता राजमणि दीदी नीलम की जयंती पर शिव शिष्य परिवार द्वारा भव्य पर्यावरण संरक्षण जागरूकता रैली का आयोजन: हर-हर महादेव के जयकारों के साथ गूंजा पूरा शहर
पूर्णिया/धमदाहा: प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति समाज में चेतना जगाने तथा आध्यात्मिक प्रेरणा के साथ सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करने की दिशा में पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। शिव शिष्या गुरु माता राजमणि दीदी नीलम की पावन जयंती के अवसर पर शनिवार को शिव शिष्य परिवार धमदाहा के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में शिव शिष्यों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियां और पर्यावरण बचाने के संदेश लिखे बैनर लेकर निकले श्रद्धालुओं ने पूरे धमदाहा शहर में भ्रमण कर आम जनता को वृक्षारोपण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया।
गुरु माता राजमणि दीदी नीलम की जयंती और शिव शिष्य परिवार का उद्देश्य
शिव शिष्य परिवार केवल आध्यात्मिक साधना का ही मार्ग प्रशस्त नहीं करता, बल्कि समाज सुधार, मानवीय मूल्यों और प्रकृति के प्रति प्रेम का पाठ भी पढ़ाता है। गुरु माता राजमणि दीदी नीलम की जयंती के इस खास अवसर को शिव शिष्य परिवार ने पूरी तरह से लोक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित करने का निर्णय लिया।
आध्यात्मिक चेतना और प्रकृति प्रेम: आयोजकों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को हमेशा ईश्वर का रूप और पूजनीय माना गया है। नदियां, पेड़-पौधे और पर्वत हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। ऐसे में गुरु माता की जयंती पर पर्यावरण बचाने का संकल्प लेना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
समाज को संदेश: रैली के माध्यम से लोगों को यह समझाया गया कि जिस प्रकार ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) और प्रदूषण के कारण हमारी धरती का संतुलन बिगड़ रहा है, उससे निपटने का एकमात्र ठोस उपाय अधिक से अधिक पेड़ लगाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
धमदाहा में निकाली गई जागरूकता रैली का मुख्य मार्ग और आकर्षण
शनिवार की सुबह से ही धमदाहा प्रखंड मुख्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शिव शिष्यों का जुटना शुरू हो गया था। भगवा और सादगीपूर्ण वस्त्रों में सजे शिव शिष्य जब सड़कों पर उतरे, तो पूरा वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायी हो गया।
नारे और स्लोगन: रैली में शामिल लोग "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ", "धरती को हरा-भरा बनाओ" और "पर्यावरण की रक्षा, देश की सुरक्षा" जैसे नारे लगा रहे थे।
शहर का भ्रमण: जागरूकता रैली धमदाहा के मुख्य बाजारों, चौक-चौराहों और आवासीय क्षेत्रों से होते हुए गुजरी। इस दौरान दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी रैली का स्वागत किया और पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में अपनी सहभागिता का संकल्प लिया।
वक्ताओं के विचार: पर्यावरण संतुलन आज की सबसे बड़ी जरूरत
रैली के समापन अवसर पर आयोजित संक्षिप्त सभा में शिव शिष्य परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और विचारकों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आज आधुनिकता की दौड़ में इंसान ने अंधाधुंध पेड़ों की कटाई की है, जिसके परिणाम स्वरूप आज भीषण गर्मी, अनियमित बारिश और जल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वृक्षारोपण ही समाधान: वक्ताओं ने आह्वान किया कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम पांच पौधे जरूर लगाने चाहिए और उनकी देखभाल अपने बच्चे की तरह करनी चाहिए।
धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य: शिव शिष्य परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल पूजा-पाठ तक ही आध्यात्मिकता सीमित नहीं है, बल्कि भूमंडल और प्रकृति की रक्षा करना भी हर नागरिक का परम नैतिक कर्तव्य है।
धमदाहा में शिव शिष्य परिवार द्वारा गुरु माता राजमणि दीदी नीलम की जयंती पर निकाली गई यह पर्यावरण संरक्षण जागरूकता रैली क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है। इस आयोजन ने न केवल लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाया, बल्कि समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर एक बेहतर और हरी-भरी धरती के निर्माण के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव पड़ती है।