श्रावणी मेले की भव्य तैयारियां शुरू; चारों सोमवारी पर बाबा भोलेनाथ का अलग-अलग स्वरूपों में होगा विशेष शृंगार, श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा विशेष जोर
भागलपुर/सुल्तानगंज: देवघर और सुल्तानगंज की पावन धरती पर हर साल आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला सनातन संस्कृति और शिव भक्ति का सबसे बड़ा केंद्र है। इस बार के श्रावणी मेले को ऐतिहासिक, अलौकिक और पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास बोर्ड ने अपनी कमर कस ली है। मेले के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को एक नया आयाम देने और उन्हें भगवान शिव के अनूठे रूपों के दर्शन कराने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। इस बार श्रावणी मेले की चारों सोमवारी पर बाबा भोलेनाथ का अलग-अलग और मनमोहक स्वरूपों में विशेष शृंगार किया जाएगा, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा।
चारों सोमवारी पर होंगे बाबा के अलौकिक दर्शन
श्रावणी मेले के दौरान पड़ने वाली प्रत्येक सोमवारी का धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व होता है। इस बार मेले में आने वाले शिव भक्तों को भगवान शंकर के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन लाभ मिल सकें, इसके लिए पुजारियों और कलाकारों द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
प्रथम सोमवारी - चंद्रशेखर और रुद्र स्वरूप: मेले की पहली सोमवारी पर बाबा का शृंगार भगवान शिव के 'चंद्रशेखर' और 'रुद्र' स्वरूप में किया जाएगा। इस दिन मंदिर को विशेष फूलों और बेलपत्रों से सजाया जाएगा, जो भक्तों में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
द्वितीय सोमवारी - अर्द्धनारीश्वर स्वरूप: दूसरी सोमवारी का दिन बेहद खास होगा, क्योंकि इस दिन बाबा भोलेनाथ को जगत जननी माता पार्वती के साथ 'अर्द्धनारीश्वर' स्वरूप में शृंगारित किया जाएगा। यह स्वरूप सृष्टि के संतुलन और पुरुष-प्रकृति के मिलन का प्रतीक है, जिसके दर्शन मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
तृतीय सोमवारी - भोलेनाथ का त्रिपुंड और त्रिदिश शृंगार: तीसरी सोमवारी पर बाबा को भव्य भस्म, चंदन, और विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ बाबा का दरबार सजेगा।
चतुर्थ सोमवारी - आशुतोष और महाकाल स्वरूप: श्रावणी मेले की अंतिम और चौथी सोमवारी पर बाबा का महाकाल और आशुतोष स्वरूप में अलौकिक शृंगार होगा। इस दिन का शृंगार इतना भव्य होगा कि दूर-दूर से आने वाले कांवरिये इस दृश्य को अपने कैमरे और आंखों में हमेशा के लिए कैद कर लेना चाहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि
सावन के पवित्र महीने में सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार 'श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा' को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार कई नए इंतजाम किए गए हैं:
सुगम जलार्पण व्यवस्था: उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरने से लेकर कांवरिया मार्ग पर चलने वाले भक्तों के लिए बैरिकेडिंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ में किसी प्रकार की भगदड़ या असुविधा की स्थिति न पैदा हो।
स्वास्थ्य और पेयजल शिविर: कांवरिया मार्ग पर जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, मेडिकल टीमें, एम्बुलेंस और शुद्ध पेयजल की मुफ्त व्यवस्था की जा रही है। सावन की चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम को देखते हुए रास्ते में शेड (छांव) और विश्राम गृहों का दायरा भी बढ़ाया गया है।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत पूरे मेला क्षेत्र और उत्तरवाहिनी गंगा घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही, ड्रोन कैमरों के माध्यम से असामाजिक तत्वों और भीड़ पर पैनी नजर रखी जाएगी ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
प्रशासन और स्थानीय समितियों की संयुक्त बैठक
हाल ही में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस महकमे के नुमाइंदों और स्थानीय पंडा समाज के लोगों के बीच एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक हुई है। इस बैठक में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन या पूजा-अर्चना करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। वीवीआईपी और आम श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए समय-सारणी को भी तार्किक रूप से तैयार किया गया है।
स्वच्छता और रोशनी के पुख्ता इंतजाम
लाखों की संख्या में जुटने वाली भीड़ के कारण साफ-सफाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर परिषद और स्वच्छता कर्मियों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है जो 24 घंटे घाटों और मार्गों की सफाई का जिम्मा संभालेंगे। साथ ही, रात के समय कांवरियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर एलईडी लाइटों और हाई-मास्ट दीपों की रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
शिवमय हुआ पूरा क्षेत्र
श्रावणी मेले के नजदीक आने के साथ ही पूरा भागलपुर और सुल्तानगंज क्षेत्र 'बम-बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारों से गूंजने लगा है। चारों सोमवारी पर होने वाले बाबा के इन अलौकिक शृंगार और प्रशासन द्वारा की जा रही चाक-चौबंद व्यवस्थाओं से इस बार का यह महाकुंभ न केवल धार्मिक रूप से भव्य होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत सुखद और सुरक्षित अनुभव भी साबित होगा।