मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में दर्दनाक हादसा: बूढ़ी गंडक नदी के भुरकुरवा घाट पर नहाने गए पांच किशोर गहरे पानी में बहे; तीन ने तैरकर बचाई जान, अन्नु और उज्ज्वल की तलाश में SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है। जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अंजनाकोट गांव के पास स्थित बूढ़ी गंडक नदी के भुरकुरवा घाट पर नहाने गए पाँच किशोर अचानक गहरे पानी की चपेट में आकर बह गए। हालांकि, गनीमत यह रही कि उनमें से तीन किशोर किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे और तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन दो किशोर—अन्नु कुमार और उज्ज्वल कुमार—का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और वे नदी के तेज बहाव में लापता हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और दोनों लापता बच्चों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा अनुक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंच गई है और युद्धस्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

घटना का विवरण: कैसे हुआ यह हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंजनाकोट गांव के कुछ किशोर सोमवार को गर्मी से राहत पाने और नदी में नहाने के उद्देश्य से बूढ़ी गंडक नदी के भुरकुरवा घाट पर पहुंचे थे।

अचानक गहरे पानी में जाना: ये सभी किशोर पानी के तेज बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके। नहाने के दौरान अचानक पैर फिसलने या गहरे पानी में चले जाने के कारण एक-एक करके पांचों किशोर डूबने लगे।

तीन किशोरों की जान बची: हादसे के वक्त पानी में संघर्ष करते हुए तीन किशोरों ने अपनी सूझबूझ और तैरने की क्षमता का इस्तेमाल किया और किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आए। उनके बाहर आने के बाद उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों और परिजनों को इस भयानक हादसे की जानकारी दी।

लापता किशोर: अन्नु कुमार और उज्ज्वल कुमार

सुरक्षित बाहर आए बच्चों द्वारा शोर मचाए जाने पर ग्रामीण तुरंत नदी के घाट पर दौड़े, लेकिन तब तक दो किशोर नदी की तेज धाराओं में ओझल हो चुके थे।

लापता बच्चों की पहचान: स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, लापता होने वाले दोनों किशोरों की पहचान अन्नु कुमार और उज्ज्वल कुमार के रूप में हुई है। दोनों किशोरों के घर में इस अनहोनी के बाद कोहराम मच गया है। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और वे लगातार नदी किनारे अपने जिगर के टुकड़ों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

SDRF और स्थानीय गोताखोरों का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही मोतीपुर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद फौरन बचाव कार्यों को तेज किया गया।

एसडीआरएफ (SDRF) की तैनाती: जिला प्रशासन द्वारा तुरंत राज्य आपदा अनुक्रिया बल (SDRF) की विशेष टीम को गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर भेजा गया। एसडीआरएफ की टीम ने आधुनिक उपकरणों और नावों की मदद से बूढ़ी गंडक नदी के भुरकुरवा घाट और उसके आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है।

तेज बहाव और मुश्किलें: स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की संयुक्त टीम लापता अन्नु और उज्ज्वल को ढूंढने के लिए लगातार पानी के भीतर तलाश कर रही है। हालांकि, सावन के इस मौसम में नदी में पानी का तेज बहाव और अत्यधिक गहराई होने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं है।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर और ग्रामीणों की भीड़

घटनास्थल पर स्थानीय पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारी भी कैंप कर रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

प्रशासन की अपील: प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी किनारे जुटे सैंकड़ों ग्रामीणों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और बचाव दल को अपना काम करने दें। साथ ही, बरसात के इन दिनों में बच्चों को नदियों, तालाबों और गहरे जलस्त्रोतों के पास जाने से रोकने के लिए अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

मोतीपुर के अंजनाकोट गांव स्थित बूढ़ी गंडक नदी के भुरकुरवा घाट पर हुई यह दुर्घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि बरसात और बाढ़ के दिनों में नदियों का जलस्तर और बहाव कितना खतरनाक हो सकता है। नहाने गए पाँच किशोरों में से तीन की जान तो बच गई, लेकिन अन्नु कुमार और उज्ज्वल कुमार का लापता होना पूरे क्षेत्र को गमगीन कर गया है। फिलहाल, SDRF की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ दोनों बच्चों की तलाश में जुटी हुई है, और हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि दोनों किशोर सुरक्षित अपने घर लौट आएं।