विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों का उच्चस्तरीय जायजा; कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी ने गंगा घाटों और कांवरिया पथ का किया संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

भागलपुर, विशेष संवाददाता: देवघर और बासुकीनाथ धाम जाने वाले लाखों शिवभक्तों एवं कांवरियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त (Divisional Commissioner), पुलिस महानिरीक्षक (IG), जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने प्रशासनिक और पुलिस विभाग के तमाम आला अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस उच्चस्तरीय संयुक्त टीम ने सुल्तानगंज के ऐतिहासिक नमामि गंगे घाट, अजगैवीनाथ मंदिर घाट, कच्ची कांवरिया पथ तथा भागलपुर के विभिन्न प्रमुख गंगा घाटों व ठहरने के स्थलों का बारीकी से मुआयना किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले के शुरू होने से पहले सभी निर्माण कार्य और जनसुविधाओं से जुड़े इंतजाम हर हाल में मुकम्मल कर लिए जाएं।

गंगा घाटों पर सुरक्षा और बैरिकेडिंग की पुख्ता व्यवस्था

श्रावणी मेले के दौरान उत्तर बिहार और झारखंड की सीमा से सटे सुल्तानगंज तथा भागलपुर के विभिन्न गंगा घाटों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी की संयुक्त टीम ने सबसे पहले गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

जल स्तर और बैरिकेडिंग: गंगा नदी के बढ़ते-घटते जल स्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पानी के भीतर मजबूत बांस-बल्ला बैरिकेडिंग लगाई जा रही है, ताकि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी में न जा सके।

गोताखोरों और एनडीआरएफ की तैनाती: घाटों पर पर्याप्त संख्या में कुशल गोताखोरों, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मोटरबोट और लाइफ जैकेट की मुकम्मल व्यवस्था रखने को कहा गया है।

सुविधाओं का विस्तार: पेयजल, रोशनी और जर्मन हैंगर

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने कांवरियों के ठहरने के स्थानों, स्नान घाटों और चेंजिंग रूम का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कांवरियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े

शुद्ध पेयजल और स्वच्छता: गंगा घाटों और कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के लिए निरंतर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचईडी विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही साफ-सफाई के लिए विशेष स्वच्छता कर्मियों की तैनाती की जाएगी।

प्रकाश व्यवस्था: रात के वक्त यात्रा करने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए पूरे मेला क्षेत्र, मुख्य मार्गों और घाटों पर उच्च क्षमता वाली स्ट्रीट लाइट्स और अस्थायी प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।

जर्मन हैंगर और विश्राम स्थल: खराब मौसम या तेज धूप से बचाव के लिए प्रमुख स्थलों और ठहराव शिविरों में जर्मन हैंगर (विश्राम पंडाल) बनाए गए हैं, जहां चिकित्सा शिविर और सूचना केंद्र भी कार्य करेंगे।

यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

आईजी और एसएसपी ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बताया कि मेले के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

अस्थाई थाने और पुलिस चौकियां: कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में कई अस्थाई पुलिस थाने, चौकियां और सहायता केंद्र बनाए जा रहे हैं।

यातायात नियंत्रण और पार्किंग: भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। साथ ही, शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। वाहन चालकों और दुकानदारों को भी हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें।

स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन तैयारियां

मेले के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कांवरिया पथ पर पड़ने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लॉक अस्पतालों को 'अलर्ट मोड' पर रखा जाए। जगह-जगह मेडिकल रिलीफ कैंप बनाए जा रहे हैं, जहां जीवन रक्षक दवाओं और प्रशिक्षित डॉक्टरों के साथ एम्बुलेंस की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

आयुक्त, आईजी, डीएम और एसएसपी द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस मैराथन निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन इस वर्ष के श्रावणी मेले को ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। प्रशासनिक मुस्तैदी और समयबद्ध तैयारियों से यह उम्मीद है कि देश के कोने-कोने से आने वाले शिवभक्त इस पावन यात्रा को पूरी श्रद्धा, सुरक्षा और सुगमता के साथ संपन्न कर सकेंगे।