विधानसभा में गूंजा भागलपुर की सड़कों का मुद्दा; विधायक रोहित पाण्डेय के सवाल पर पथ निर्माण मंत्री का बड़ा बयान, शहर को जल्द मिलेगी जाम और बदहाल सड़कों से मुक्ति
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: बिहार विधानसभा सत्र के दौरान भागलपुर के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों को लेकर सरगर्मी लगातार तेज बनी हुई है। इसी क्रम में भागलपुर के तेज-तर्रार विधायक रोहित पाण्डेय ने शहर की खस्ताहाल सड़कों, ट्रैफिक जाम और आवागमन की समस्याओं को लेकर विधानसभा के पटल पर एक महत्वपूर्ण तारांकित प्रश्न उठाया। विधायक के इस तीखे और जनहित से जुड़े सवाल पर राज्य सरकार की ओर से पथ निर्माण मंत्री ने सदन में आधिकारिक जवाब दिया। मंत्री के इस जवाब से भागलपुर के नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में शहर के मुख्य मार्गों और सड़क बुनियादी ढांचे (Road Infrastructure) में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
क्या था विधायक रोहित पाण्डेय का सवाल और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
भागलपुर शहर पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ती आबादी, संकरी सड़कों और बेतरतीब यातायात व्यवस्था के कारण गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। इसके अलावा, कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढे और जलजमाव के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों का चलना दूभर हो गया है।
विधानसभा में अपने सवाल के माध्यम से विधायक रोहित पाण्डेय ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया:
सड़कों की जर्जर स्थिति: भागलपुर शहर और उसके आसपास के ग्रामीण-शहरी इलाकों को जोड़ने वाली कई प्रमुख सड़कें अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं या रखरखाव के अभाव में पूरी तरह उखड़ चुकी हैं।
याचयात जाम से निजात: शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश और सड़कों के अतिक्रमण के कारण आए दिन लगने वाले भीषण जाम से स्कूली बच्चों, एंबुलेंस और आम जनता को होने वाली परेशानियों का जिक्र किया गया।
वैकल्पिक बाइपास और चौड़ीकरण: बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नए बाइपास निर्माण, फ्लाईओवर और मौजूदा सड़कों के चौड़ीकरण (Widening) को लेकर चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति की मांग की गई।
पथ निर्माण मंत्री का सदन में आधिकारिक जवाब: क्या मिला आश्वासन?
विधायक रोहित पाण्डेय द्वारा उठाए गए इन गंभीर सवालों पर पथ निर्माण विभाग के मंत्री ने सदन में विस्तृत जवाब दिया। मंत्री ने स्वीकार किया कि भागलपुर बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक शहर है, इसलिए वहाँ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सरकार की ओर से सदन में निम्नलिखित मुख्य घोषणाएं और बातें रखी गईं:
सड़कों के विशेष मरम्मत और नवीनीकरण का निर्देश: पथ निर्माण मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि भागलपुर क्षेत्र की जिन सड़कों की स्थिति खराब है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। मानसून के तुरंत बाद इन सभी सड़कों के पैच वर्क, री-कार्पेटिंग और विशेष मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।
बाइपास और रिंग रोड परियोजनाएं: शहर को ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण की योजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और डीपीआर (DPR) से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों के निर्माण और रखरखाव में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। यदि निर्माण कार्य में किसी भी एजेंसी या अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर के विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
स्थानीय जानकारों का मानना है कि विधायक रोहित पाण्डेय द्वारा सदन के अंदर भागलपुर के बुनियादी मुद्दों को लगातार और मुखरता से उठाना एक सकारात्मक संकेत है। विपक्ष या सत्ता पक्ष, जब जनता के वास्तविक मुद्दों को विधानसभा जैसे सर्वोच्च मंच पर पूरी मजबूती से रखता है, तो प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव बनता है और फाइलों में दबी योजनाएं धरातल पर उतरने लगती हैं।
भागलपुर के व्यापारी वर्ग, छात्र समुदाय और आम नागरिकों ने विधायक के इस प्रयास की सराहना की है। लोगों का कहना है कि शहर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में यदि समय रहते सड़कों का चौड़ीकरण और नई परिवहन नीतियां लागू नहीं की गईं, तो आने वाले समय में स्थिति और विकट हो सकती है।
विधानसभा में विधायक रोहित पाण्डेय के सवाल पर पथ निर्माण मंत्री द्वारा दिया गया यह जवाब भागलपुर के विकास के लिहाज से बेहद अहम है। जनता अब यह उम्मीद लगाए बैठी है कि मंत्री के इन आश्वासनों और घोषणाओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखकर जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाएगा, ताकि भागलपुर के लोगों को सुगम, सुरक्षित और जाम-मुक्त यातायात की सौगात मिल सके।