जमालपुर: 2027 की जनगणना को लेकर सदर प्रखंड कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक; बीडीओ श्वेता कुमारी की अध्यक्षता में 32 कर्मियों को 94 राजस्व गांवों से डाटा संग्रहण की सौंपी गई जिम्मेदारी

जमालपुर/मुंगेर (बिहार): बिहार के मुंगेर जिले के अंतर्गत आने वाले जमालपुर सदर प्रखंड कार्यालय में आगामी 2027 की जनगणना की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) श्वेता कुमारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल 32 कर्मियों को प्रखंड के 94 राजस्व गांवों से सटीक डाटा संग्रहण करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आंकड़ों को जुटाने की रूपरेखा तय की गई।

प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर जनगणना के कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आइए जानते हैं इस बैठक के मुख्य बिंदुओं और तय की गई कार्ययोजना का एक विस्तृत विश्लेषण।

2027 की जनगणना की प्रशासनिक तैयारियां

आगामी जनगणना प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रखंड स्तर पर कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

बीडीओ की अध्यक्षता में बैठक: जमालपुर सदर प्रखंड कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक की कमान बीडीओ श्वेता कुमारी ने संभाली, जिसमें सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि और प्रभारियों ने हिस्सा लिया।

कर्मियों की तैनाती: जनगणना कार्य के लिए कुल 32 प्रशिक्षित कर्मियों को मैदान में उतारा गया है, जो क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।

 94 राजस्व गांवों और बुनियादी डेटा संग्रहण का लक्ष्य

सटीक आंकड़ों के आधार पर ही विकास योजनाओं की रूपरेखा तय होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व गांवों का कवरेज: इन 32 कर्मियों को जमालपुर प्रखंड के कुल 94 राजस्व गांवों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि हर एक क्षेत्र को कवर किया जा सके।

प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस: डेटा संग्रहण के दौरान विशेष रूप से शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य सेवाएं, और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।

जमालपुर सदर प्रखंड कार्यालय में 2027 की जनगणना को लेकर हुई यह बैठक प्रशासनिक सतर्कता और दूरदर्शिता का परिचायक है। बीडीओ श्वेता कुमारी के नेतृत्व में 32 कर्मियों को सौंपी गई 94 राजस्व गांवों के डेटा संग्रहण की यह जिम्मेदारी यदि पूरी निष्ठा से पूरी की जाए, तो भविष्य की विकास योजनाओं को सही दिशा मिलने में काफी मदद मिलेगी।