बाबा बटेश्वरनाथ धाम में 29 जुलाई से 28 अगस्त तक गूंजेगा 'बोल बम' का जयघोष

कहलगांव (भागलपुर): श्रावण मास के पावन आगमन के साथ ही कहलगांव स्थित ऐतिहासिक बाबा बटेश्वरनाथ धाम में धार्मिक रौनक बढ़ने लगी है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस वर्ष बाबा बटेश्वरनाथ धाम में श्रावणी मेला 29 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। भगवान शिव की आराधना और भक्ति के इस महापर्व को लेकर मंदिर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

भक्ति और आस्था का केंद्र: बटेश्वरनाथ धाम

गंगा के तट पर स्थित बाबा बटेश्वरनाथ धाम न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह अपनी प्राचीन गुफाओं और स्थापत्य कला के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ गंगा नदी उत्तरवाहिनी होकर बहती है, जिसे अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। श्रावण के पूरे महीने में यहाँ का वातावरण शिवमय हो जाता है। मंदिर की पहाड़ियों पर स्थित नंदी की विशाल मूर्ति और अर्धनारीश्वर रूप में शिवलिंग के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मेले की रूपरेखा और तैयारियां

29 जुलाई से शुरू होने वाले इस महीने भर चलने वाले मेले को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

समय अवधि: 29 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक।

प्रमुख गतिविधियाँ: श्रावण मास में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और महाआरती का आयोजन किया जाता है। कांवरियों और भक्तों के लिए विशेष रूप से 'बोल बम' के जयघोष के बीच शिव भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिलता है।

प्रशासनिक सतर्कता और सुविधाएं

श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कहलगांव प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। मेला अवधि के दौरान मंदिर परिसर में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की तैनाती और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।

कांवरियों के लिए विशेष महत्व

बटेश्वरनाथ धाम की यात्रा का अपना ही महत्व है। श्रावण मास में हजारों की संख्या में कांवड़िये सुल्तानगंज से पवित्र गंगा जल लेकर यहाँ पहुंचते हैं और बाबा बटेश्वरनाथ का जलाभिषेक करते हैं। मेला पथ को आकर्षक रूप देने के लिए साज-सज्जा और ध्वनि व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि कांवर यात्रा सुगम और भक्तिपूर्ण बनी रहे।

श्रद्धालुओं से अपील

मंदिर प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 29 जुलाई से शुरू हो रहे इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह से ही जलाभिषेक का क्रम शुरू हो जाएगा। ऐतिहासिक मान्यता है कि श्रावण मास में बटेश्वरनाथ धाम में पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।