कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय: उपशास्त्री प्रथम वर्ष (सत्र 2026-28) की पहली चयन सूची जारी, समर्थ पोर्टल के माध्यम से हुए थे ऑनलाइन आवेदन
बिहार के प्रसिद्ध कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University) ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए उपशास्त्री (Upashastri) प्रथम वर्ष में नामांकन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पहली चयन सूची (First Selection List) जारी कर दी है। विश्वविद्यालय द्वारा इस सत्र में प्रवेश के लिए सभी ऑनलाइन आवेदन समर्थ पोर्टल (Samarth Portal) के माध्यम से आमंत्रित किए गए थे। पहली सूची जारी होने के बाद से ही छात्रों और उनके अभिभावकों में प्रवेश को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों को समय सीमा के भीतर नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
मुख्य बिंदु: पहली चयन सूची और आवेदन प्रक्रिया
विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई इस पहली चयन सूची में उन छात्र-छात्राओं के नाम शामिल हैं जिन्होंने समर्थ पोर्टल पर निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपने ऑनलाइन आवेदन सफलताપूर्वक जमा किए थे।
सत्र 2026-28 के लिए नामांकन: यह प्रवेश प्रक्रिया उपशास्त्री प्रथम वर्ष के दो वर्षीय सत्र 2026-28 के लिए संचालित की जा रही है, जिसमें राज्यभर के संस्कृत विद्यालयों और कॉलेजों के छात्र शामिल हैं।
समर्थ पोर्टल का उपयोग: पारदर्शिता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए इस बार नामांकन के लिए सभी आवेदन राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 'समर्थ पोर्टल' के जरिए ऑनलाइन लिए गए थे, जिससे प्रक्रिया बेहद सरल हो गई।
चयन सूची का प्रकाशन: विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल पर पहली चयन सूची अपलोड कर दी गई है, जहां छात्र अपने क्रेडेंशियल्स के माध्यम से अपना नाम और कॉलेज आवंटन देख सकते हैं।
नामांकन की प्रक्रिया और आवश्यक दिशा-निर्देश
चयन सूची जारी होने के बाद अब छात्रों के लिए विभिन्न अंगीभूत एवं संबद्ध संस्कृत महाविद्यालयों में नामांकन लेने का रास्ता साफ हो गया है।
दस्तावेजों का सत्यापन: चयनित विद्यार्थियों को आंटित कॉलेज में निर्धारित समयावधि के भीतर उपस्थित होकर अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अंक पत्र, और ऑनलाइन आवेदन की प्रति का सत्यापन कराना होगा।
शुल्क भुगतान: पोर्टल और कॉलेज के दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रों को अपना नामांकन शुल्क ऑनलाइन या कॉलेज काउंटर पर जमा करना होगा, जिसके बाद उनका प्रवेश पक्का माना जाएगा।
अंतिम तिथि का ध्यान: विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी छात्र पहली चयन सूची के आधार पर तय समय सीमा के भीतर अपना नामांकन अवश्य सुनिश्चित कर लें, अन्यथा इसके बाद खाली बची सीटों के लिए अगली सूची जारी की जाएगी।
कुलपति और प्रशासनिक दृष्टिकोण
विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस पूरी प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और छात्र-हितैषी बनाने पर विशेष जोर दिया है।
पारदर्शी प्रवेश प्रणाली: समर्थ पोर्टल के जरिए आवेदन और चयन सूची जारी होने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, जिससे मेधावी छात्रों को उनके पसंद के संस्थानों में आसानी से प्रवेश मिल सकेगा।
संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा: विश्वविद्यालय प्रशासन का मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा के अध्ययन को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक युवाओं को इस पारंपरिक शिक्षा से जोड़ना है।
छात्र सहायता केंद्र: नामांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की तकनीकी या कागजी दिक्कत न हो, इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक हेल्पडेस्क (सहायता केंद्र) भी सक्रिय किया गया है।
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा उपशास्त्री प्रथम वर्ष (सत्र 2026-28) के लिए पहली चयन सूची जारी किया जाना संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से हुई इस पारदर्शी प्रक्रिया से छात्रों को काफी सहूलियत मिली है। अब चयनित विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराकर कॉलेज में प्रवेश लें और अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखें।