पूर्णिया पुलिस का बड़ा एक्शन: अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में एक ही दिन में 50 अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी, महकमे में मचा हड़कंप
बिहार के पूर्णिया जिले में इन दिनों अपराधियों और कानून तोड़ने वाले तत्वों की शामत आई हुई है। जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए पूर्णिया पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देशों के आलोक में जिलेभर में चलाए गए एक विशेष और सघन अभियान (Special Drive) के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पूर्णिया पुलिस ने महज एक दिन के भीतर चलाए गए इस विशेष अभियान में कुल 50 अपराधियों, आरोपियों और विभिन्न मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों को धर दबोचा है। एक ही दिन में इतने बड़े पैमाने पर हुई इन गिरफ्तारियों के बाद से जिले के अपराधियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
क्या है विशेष अभियान का उद्देश्य और कैसे हुई कार्रवाई?
पूर्णिया जिले में पिछले कुछ दिनों से अपराध नियंत्रण और पेंडिंग पड़े मामलों के निबटारे को लेकर पुलिस कप्तान द्वारा विशेष रणनीतिक निर्देश दिए गए थे।
सघन छापेमारी अभियान: जिले के सभी थानों और पुलिस अंचलों की संयुक्त टीमों ने रविवार की रात और सोमवार की सुबह तक एक साथ मिलकर यह ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस ने अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ-साथ शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों और संवेदनशील चौराहों पर वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया।
वारंटियों की धरपकड़: इस विशेष अभियान का मुख्य फोकस उन लोगों पर था जो गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हो रहे थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस ने कोर्ट से जारी कुर्की-जब्ती और गिरफ्तारी वारंट के आधार पर इन अभियुक्तों को उनके घरों और छिपने के ठिकानों से दबोचा।
विभिन्न थानों से हुई गिरफ्तारियों का ब्योरा
यह विशेष अभियान पूर्णिया जिले के शहरी से लेकर ग्रामीण और दूर-दराज के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया, जिसके परिणाम काफी सकारात्मक रहे।
विभिन्न मामलों के आरोपी: गिरफ्तार किए गए 50 लोगों में हत्या के प्रयास, लूटपाट, चोरी, आर्म्स एक्ट, उत्पाद अधिनियम (सराबबंदी कानून उल्लंघन) और मारपीट जैसे संगीन मामलों के आरोपी शामिल हैं।
अपराधियों की कमर टूटी: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के लगातार चलाए जा रहे अभियानों से अपराधियों का मनोबल टूटता है। एक ही दिन में इतने सारे वांटेड अपराधियों के सलाखों के पीछे जाने से जिले में वारदातों की संख्या में भारी कमी दर्ज की जाएगी।
पुलिस प्रशासन की दो टूक—अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं
इस बड़ी सफलता के बाद पूर्णिया पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में कानून का राज स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सख्त निगरानी जारी रहेगी: पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में इसे और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। अपराधियों की सूची तैयार कर ली गई है और जो भी कानून के दायरे से बाहर भागने की कोशिश करेगा, उसे सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
आम जनता से सहयोग की अपील: पुलिस ने शहरवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें, ताकि पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सके। जनता और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से ही अपराधमुक्त समाज की कल्पना को साकार किया जा सकता है।
अपराधियों में खौफ और आम जनता में राहत का माहौल
पुलिस की इस ताबड़तोड़ और एक दिवसीय बड़ी कार्रवाई से जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अपराधियों में खौफ: एक साथ 50 गिरफ्तारी होने से अपराधियों के बीच यह कड़ा संदेश चला गया है कि अब कानून की नजरों से बचना आसान नहीं है। कई अपराधी पुलिस की दबिश के डर से जिला छोड़कर भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस के जासूसों और खुफिया तंत्र ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
आम नागरिकों में विश्वास: इस बड़ी प्रशासनिक सफलता के बाद आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है और पुलिस के इस कदम की सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस तरह की सख्त और निरंतर कार्रवाई से पूर्णिया में शांति व्यवस्था और सुदृढ़ होगी तथा कानून का इकबाल बुलंद रहेगा।