विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने उठाया फरदो नाले के पक्कीकरण का मुद्दा, मेयर से मांगी अद्यतन रिपोर्ट; पिछले प्रस्तावों पर जताई गहरी चिंता
मुजफ्फरपुर नगर निगम के बोर्ड की बैठक हमेशा से ही शहर के विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर काफी हंगामेदार और चर्चा का केंद्र रही है। इसी क्रम में नगर निगम बोर्ड की हालिया बैठक में शहर की एक बेहद महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित समस्या को लेकर जोरदार चर्चा हुई। बैठक के दौरान विधान पार्षद (MLC) वंशीधर ब्रजवासी ने प्रमुखता से फरदो नाले के पक्कीकरण (Covering/Concrete construction of Fardo drain) का मामला उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर नगर निगम की मेयर से इस योजना की अब तक की अद्यतन (Updated) जानकारी मांगी और पिछले बोर्ड बैठकों में पास हुए प्रस्तावों पर अमल न होने पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की।
फरदो नाले का पक्कीकरण क्यों है जरूरी?
मुजफ्फरपुर शहर के जल निकास (Drainage System) के लिहाज से फरदो नाला एक बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। शहर के एक बड़े हिस्से का गंदा पानी इसी नाले से होकर गुजरता है। लेकिन, देखरेख के अभाव और नाला खुला होने के कारण यह क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है।
खुला होने के कारण इसमें कचरे का अंबार लग जाता है, जिससे भीषण दुर्गंध उठती है और मच्छरों का प्रकोप तथा संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके अलावा, नाले के दोनों ओर रहने वाले लोगों और यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों के लिए सुरक्षा का भी बड़ा संकट रहता है। इसी जनसमस्या की गंभीरता को समझते हुए विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने निगम बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और इसके पक्कीकरण की मांग को पुरजोर तरीके से सामने रखा।
विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने मेयर और अधिकारियों से पूछे कड़े सवाल
बोर्ड की बैठक के दौरान विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य फाइलों में ही दबे रह जाते हैं। उन्होंने मेयर और वहाँ मौजूद निगम अधिकारियों से मुखातिब होते हुए फरदो नाले के पक्कीकरण को लेकर अब तक उठाए गए कदमों की अद्यतन जानकारी मांगी।
एमएलसी ब्रजवासी ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि पिछले बोर्ड की बैठकों में इस संबंध में कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए थे, लेकिन धरातल पर उन प्रस्तावों की स्थिति आज भी सिफर (Zero) है। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास कार्यों के लिए प्रतिनिधियों को चुना है, ऐसे में जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर इस तरह की हीला-हवाली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि इस योजना के टेंडर से लेकर निर्माण कार्य शुरू होने तक की एक स्पष्ट समय-सीमा (Timeline) तय की जाए।
पिछले प्रस्तावों की स्थिति पर जताई गहरी चिंता
बैठक में बोलते हुए वंशीधर ब्रजवासी ने इस बात पर भी रोष व्यक्त किया कि नगर निगम बोर्ड में जो प्रस्ताव पास होते हैं, उनका अनुपालन (Implementation) समय पर क्यों नहीं होता है? उन्होंने कहा कि पिछले सत्रों में फरदो नाले के पक्कीकरण और सुंदरीकरण को लेकर लंबी चर्चा हुई थी और सैद्धांतिक सहमति भी बनी थी, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं।
उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस नाले का पक्कीकरण नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में बरसात के मौसम में जलजमाव की विकट समस्या से शहरवासियों को जूझना पड़ेगा। उनकी इस बात का समर्थन करते हुए कई अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को सामने रखा और निगम प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
नगर आयुक्त और मेयर का पक्ष
बैठक के दौरान जब विधान पार्षद और पार्षदों ने सवालों की झड़ी लगाई, तो नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों और नगर आयुक्त ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि फरदो नाले के पक्कीकरण से जुड़ी फाइलों और पूर्व के प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में आ रही तकनीकी अड़चनों को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि शहरवासियों को इस समस्या से निजात मिल सके।
वहीं, मेयर की ओर से भी यह भरोसा दिलाया गया कि बोर्ड सदस्यों की भावनाओं और चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा।
शहर के विकास को लेकर उठी एक ठोस आवाज
मुजफ्फरपुर नगर निगम बोर्ड की इस बैठक में विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी द्वारा फरदो नाले के पक्कीकरण का मुद्दा उठाया जाना यह साबित करता है कि जनप्रतिनिधि अब शहरी विकास के मामलों को लेकर कितने गंभीर हैं। जनता भी उम्मीद कर रही है कि सिर्फ आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जल्द ही धरातल पर फरदो नाला पक्का और सुरक्षित रूप में नजर आएगा, जिससे मुजफ्फरपुर की एक बड़ी आबादी को राहत मिल सकेगी।