बिहार में मानसून की सक्रियता: भोजपुर, सीवान, बक्सर और अररिया समेत कई जिलों में बारिश का अनुमान, गर्मी से मिलेगी राहत
पटना: बिहार में जुलाई के महीने में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। पिछले कुछ दिनों से साफ मौसम और तेज धूप के कारण बढ़ी उमसभरी गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में झमाझम बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जिससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। विशेष रूप से भोजपुर, सीवान, बक्सर, अररिया और अरवल जैसे जिलों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है।
सक्रिय हुआ मानसूनी सिस्टम और येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से बिहार में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के लगभग 18 से अधिक जिलों में अगले कुछ दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान केवल बारिश ही नहीं, बल्कि मेघगर्जन (आसमान में बादल गरजने), वज्रपात (ठनका गिरने) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने खासकर किसानों और आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
प्रमुख जिलों का हाल: भोजपुर, सीवान, बक्सर, अररिया और अरवल में असर
भोजपुर और बक्सर: शाहाबाद क्षेत्र के इन दोनों जिलों में पिछले दो दिनों से तीखी धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा था। अब ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक यहाँ बादलों का डेरा रहेगा और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ जगहों पर तेज बारिश की संभावना है।
सीवान और गोपालगंज: उत्तर-पश्चिम बिहार के इन जिलों में भी मानसूनी बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। यहाँ भी तेज हवा के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
अररिया और सीमांचल के इलाके: पूर्वी बिहार के अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में भी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। यहाँ लगातार बादलों की लुकाछिपी के बीच रुक-रुक कर फुहारें या झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
अरवल और आसपास के दक्षिण-बिहार के क्षेत्र: अरवल, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जैसे दक्षिण-पश्चिम जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला है, जिससे किसानों को धान की रोपाई और खेती-बारी के कार्यों में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और उमसभरी गर्मी से राहत
बीते शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में अचानक तेज धूप निकल जाने के कारण तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पूर्णिया और पटना समेत कई जिलों में लोग दिनभर चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान नजर आए। हालांकि, शाम ढलते-ढलते बादलों के छाने से मौसम में हल्की नरमी जरूर आई थी।
अब बारिश का यह नया दौर शुरू होने से अधिकतम तापमान में फिर से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से पर्यावरण में ठंडक घुलेगी और लोगों को जुलाई की चिपचिपी गर्मी से लंबे समय के लिए राहत मिलेगी।
किसानों के चेहरे खिले, कृषि कार्यों को मिली गति
जुलाई के महीने में धान की फसल और कृषि कार्यों के लिए पानी की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। बीच में कुछ दिनों के लिए बारिश थमने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी थी, क्योंकि खेतों में नमी कम हो रही थी। अब भोजपुर, बक्सर, अररिया और सीवान समेत अन्य जिलों में हो रही इस बारिश से धान की रोपाई के काम में तेजी आएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी बारिश फसलों के विकास के लिए अमृत के समान है।
वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि बारिश के समय आकाश में तेज बिजली (वज्रपात) चमकने की आशंका अधिक रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम या गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल शरण न लें। सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।