पीरपैंती के अठनिया दियारा में मातम दाह संस्कार में शामिल होने गए युवक मिथुन कुमार की गंगा में डूबने से मौत, एसडीआरएफ टीम ने बुधवार को घटनास्थल के पास से शव किया बरामद

भागलपुर : भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत आने वाले अठनिया दियारा क्षेत्र में उस समय कोहराम मच गया जब एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में तब्दील हो गईं। मंगलवार को एक दाह संस्कार में शामिल होने गए मिथुन कुमार नामक युवक की गंगा नदी के गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से ही इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मंगलवार शाम से ही लापता युवक की तलाश के लिए प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। आखिरकार बुधवार को कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ (SDRF) टीम ने घटनास्थल के ठीक पास से ही मिथुन कुमार का शव सुरक्षित बरामद कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

क्या था पूरा घटनाक्रम? कैसे हुआ यह हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह दुखद हादसा मंगलवार को उस वक्त पेश आया जब दियारा इलाके में मातम का माहौल पहले से ही कायम था:

दाह संस्कार में शामिल होने की मजबूरी: अठनिया दियारा क्षेत्र में एक स्थानीय व्यक्ति के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार करने के लिए ग्रामीण और संबंधी गंगा तट पर पहुंचे थे। इसी श्मशान यात्रा और दाह संस्कार के कार्यक्रम में मिथुन कुमार भी अन्य लोगों के साथ शामिल होने गया था।

गंगा नदी में स्नान के दौरान पैर फिसलना: दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ लोग गंगा नदी के तट पर हाथ-पैर धोने और स्नान करने लगे। इसी दौरान मिथुन कुमार गहरे पानी की चपेट में आ गया या उसका पैर अचानक फिसल गया, जिससे वह तेज धारा में बहने लगा।

पलक झपकते ही नजरों से ओझल हुआ युवक: जब तक आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते और उसे बचाने के लिए आगे बढ़ते, मिथुन नदी के गहरे पानी और तेज बहाव में समा चुका था। देखते ही देखते वह पानी की सतह से ओझल हो गया, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई।

एसडीआरएफ की तलाश और बुधवार को शव बरामदगी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया:

मंगलवार शाम से शुरू हुआ रेस्क्यू: पीरपैंती थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से मंगलवार को ही शाम तक डूबे हुए युवक की तलाश शुरू करवा दी, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान में मुश्किलें आईं।

बुधवार सुबह एसडीआरएफ की एंट्री: मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा फौरन राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की विशेष गोताखोर टीम को मौके पर रवाना किया गया। बुधवार की सुबह तड़के ही एसडीआरएफ के जवानों ने अत्याधुनिक उपकरणों और नावों के जरिए गंगा नदी में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

शव की बरामदगी: कुछ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ की टीम ने ठीक उसी घटनास्थल के पास से मिथुन कुमार के शव को पानी के अंदर से ढूंढ निकाला। शव बाहर आते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा घाट गूंज उठा।

थानाध्यक्ष की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रक्रिया

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला:

शव को कब्जे में लेना: स्थानीय थानाध्यक्ष ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और एसडीआरएफ द्वारा बरामद किए गए शव को अपने कब्जे में ले लिया।

पोस्टमार्टम के लिए भेजना: पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

पीरपैंती के अठनिया दियारा में दाह संस्कार जैसे गमगीन माहौल के बीच युवक मिथुन कुमार की गंगा में डूबने से हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां पूरा परिवार अपने एक सदस्य के अंतिम विदाई कार्यक्रम में शामिल होने गया था, वहीं घर के ही एक युवा चिराग के बुझ जाने से कोहराम मच गया। यह दुर्घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि गंगा नदी के किनारे या दियारा क्षेत्रों में जाते समय अत्यधिक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी अनहोनी से बचा जा सके।