विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर नगर निगम की प्रशासनिक तैयारियां तेज; बरारी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर अतिक्रमण हटाया गया, सुरक्षा और सुगमता के लिए युद्ध स्तर पर बैरिकेडिंग जारी

भागलपुर, विशेष संवाददाता: देवघर जाने वाले कांवरियों और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में भाग लेने वाले करोड़ों शिव भक्तों के स्वागत और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन एवं नगर निगम ने अपनी कमर कस ली है। मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अभी से प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। इसी कड़ी में, मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मुख्य आस्था केंद्रों में से एक बरारी गंगा घाट (Barari Ganga Ghat) और उसके आसपास के रास्तों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त (Anti-encroachment drive) करा दिया गया है। साथ ही, सुगम यातायात और भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए मजबूत बैरिकेडिंग का काम तेजी से चल रहा है।

बरारी गंगा घाट पर उमड़ती है शिव भक्तों की भारी भीड़

श्रावण मास के पावन अवसर पर सुल्तानगंज के साथ-साथ भागलपुर के बरारी गंगा घाट का भी विशेष धार्मिक महत्व है। यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा का संकल्प लेते हैं या स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं:

भीड़ नियंत्रण की चुनौती: हर साल सावन के पहले दिन से लेकर अंतिम सोमवारी तक बरारी घाट पर पैर रखने की जगह नहीं होती। घाट के संकरे रास्तों पर लगने वाले जाम और अनियोजित दुकानों के कारण श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

प्रशासनिक मुस्तैदी: इस बार नगर निगम और जिला प्रशासन ने पहले ही स्थिति भांपते हुए कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है, ताकि कांवरियों और स्थानीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सड़कें हुईं चौड़ी: चलाया गया व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान

बरारी घाट की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों पर अवैध रूप से बनी झुग्गियों, ठेला-खोमचा और स्थायी-अस्थायी अतिक्रमणों के कारण हर साल जाम की स्थिति बन जाती थी:

निगम का बुलडोजर एक्शन: नगर निगम की विशेष टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में बरारी घाट मार्ग पर सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे दुकानदारों को हटाया गया और रास्ते को पूरी तरह साफ किया गया।

रास्तों का चौड़ीकरण: अतिक्रमण हटने से अब सड़कें काफी चौड़ी हो गई हैं, जिससे वाहनों और पैदल चलने वाले कांवरियों के आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह मिल गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मजबूत बैरिकेडिंग

मेले के दौरान भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं:

सुरक्षित गलियारे (Safe Corridors): बरारी घाट तक पहुंचने वाले रास्तों और स्नान घाटों पर स्टील और बांस के मजबूत बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। इससे स्नान के लिए आने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को कतारबद्ध तरीके से घाट तक पहुंचाया जा सकेगा।

पुलिस बल की तैनाती: संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेट की तैनाती के लिए विशेष वाच टावर (Watch Towers) और कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं, जो सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे।

पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष जोर

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार श्रावणी मेले में आने वाले कांवरियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी:

मोबाइल शौचालय और पेयजल: बरारी घाट और उसके आसपास के रास्तों पर दर्जनों अस्थायी मोबाइल शौचालय (Mobile Toilets) स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा शुद्ध पेयजल के लिए चापाकल और वाटर प्यूरीफायर बूथ लगाए जा रहे हैं।

रोशनी के पुख्ता इंतजाम: रात के वक्त गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरे घाट परिसर और पहुंच पथ पर हाई-मास्ट लाइटों और रंग-बिरंगी रोशनी की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

भागलपुर नगर निगम द्वारा श्रावणी मेले को लेकर बरारी गंगा घाट पर की जा रही ये तैयारियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रशासन इस बार किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। घाटों को अतिक्रमण मुक्त करने और युद्ध स्तर पर बैरिकेडिंग तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित करने से इस वर्ष की कांवर यात्रा अत्यंत सुरक्षित, सुगम और आनंददायक बन जाएगी। शिव भक्तों के स्वागत के लिए सिल्क सिटी पूरी तरह तैयार है।