मायागंज अस्पताल में ओपीडी का नया रजिस्ट्रेशन काउंटर महीनों से अधूरा, मरीजों की परेशानी बरकरार
भागलपुर: भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), जिसे आम बोलचाल में 'मायागंज अस्पताल' के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल प्रशासन द्वारा ओपीडी (OPD) में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए शुरू किए गए 'नए रजिस्ट्रेशन काउंटर' का निर्माण कार्य महीनों बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस अधूरे निर्माण के कारण अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण में देरी से बढ़ रही अव्यवस्था
मायागंज अस्पताल के ओपीडी भवन में मरीजों का दबाव हमेशा अधिक रहता है। मरीजों की इसी भीड़ को नियंत्रित करने और पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से एक नए रजिस्ट्रेशन काउंटर का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, समय बीतने के साथ ही यह प्रोजेक्ट 'अधूरे निर्माण' की भेंट चढ़ गया है।
मौजूदा स्थिति यह है कि पुराने काउंटर पर ही पूरे अस्पताल का भार है। ओपीडी भवन के हॉल में स्थित इस पुराने काउंटर पर प्रतिदिन सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की भारी तादाद और काउंटर की सीमित क्षमता के कारण वहां अक्सर धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल रहता है।
गर्मी और भीड़ से बेहाल मरीज
मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक बनी हुई है। ओपीडी के रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर डॉक्टरों के चेंबर तक लंबी-लंबी कतारें आम बात हो गई हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीज, जो पहले से ही गर्मी और कमजोरी से जूझ रहे होते हैं, उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। महिला अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्सरे और पैथोलॉजी सेंटर के बाहर भी बैठने की उचित व्यवस्था न होने से मरीजों को कड़ी धूप और अव्यवस्था के बीच इंतजार करना पड़ता है।
इसके अतिरिक्त, अस्पताल में तकनीकी समस्याओं जैसे सर्वर डाउन होने के कारण भी कई बार घंटों पंजीकरण कार्य ठप हो जाता है, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।
प्रशासन के दावों की पोल
अस्पताल प्रबंधन ने समय-समय पर व्यवस्था में सुधार के निर्देश तो दिए हैं, लेकिन धरातल पर बदलाव नदारद है। उपाधीक्षक द्वारा व्यवस्था का निरीक्षण और कतारों में सुधार के निर्देशों के बावजूद मरीजों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने अब अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े नए काउंटर का निर्माण कार्य अविलंब पूरा कर उसे चालू किया जाए, ताकि पंजीकरण की प्रक्रिया व्यवस्थित हो सके और मरीजों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति
केवल रजिस्ट्रेशन काउंटर ही नहीं, बल्कि मायागंज अस्पताल का संपूर्ण भवन भी चुनौतियों से जूझ रहा है। हाल ही में बारिश के कारण अस्पताल की जर्जर छत से पानी टपकने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे मरीजों को बेड पर भी सुरक्षा महसूस नहीं हो रही है। पुरानी इमारतों के रख-रखाव और नए निर्माण कार्यों में देरी ने अस्पताल की कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मायागंज अस्पताल बिहार का एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है, जहां आसपास के कई जिलों से मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं। लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव और अधूरे प्रोजेक्ट्स अस्पताल की साख पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। यदि समय रहते नया रजिस्ट्रेशन काउंटर चालू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में ओपीडी का यह संकट और गहरा सकता है।
क्या जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान देकर मरीजों की इन बुनियादी परेशानियों को दूर करने का सार्थक कदम उठाएगा, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।