बिहार दौरे पर संसदीय स्थायी समिति, 23 से 26 अगस्त तक एनएच विकास और रखरखाव का लेगी जायजा; मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से गुजरेगी टीम

पटना। परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति 23 से 26 अगस्त तक बिहार के दौरे पर रहेगी। समिति के इस दौरे को राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान समिति बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास, निर्माण, रखरखाव और यातायात व्यवस्था का जायजा लेगी। समिति की अध्यक्षता जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सदस्य संजय झा कर रहे हैं।

बिहार दौरे के दौरान संसदीय स्थायी समिति की पूरी टीम पहली बार नवनिर्मित मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से होकर गुजरेगी। यह कॉरिडोर पटना की सड़क और यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। समिति के दौरे को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDC) को पत्र भेजकर दौरे से जुड़ी तैयारियों को पूरा करने को कहा गया है। इसके साथ ही समिति के निर्धारित मार्ग पर यातायात, सड़क की स्थिति और अतिक्रमण से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

23 से 26 अगस्त तक बिहार में रहेगी समिति

संसदीय स्थायी समिति का बिहार दौरा 23 अगस्त से शुरू होकर 26 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान समिति के सदस्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे।

समिति का उद्देश्य केवल निर्माणाधीन या हाल में पूरी हुई परियोजनाओं को देखना नहीं है, बल्कि सड़क निर्माण के बाद उनके रखरखाव, यातायात प्रबंधन और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का भी आकलन करना है।

बिहार जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। बेहतर सड़क संपर्क से शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों को भी बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलती है।

पहली बार पूरी टीम मीठापुर-महुली कॉरिडोर से गुजरेगी

दौरे का एक प्रमुख आकर्षण नवनिर्मित मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण होगा। संसदीय स्थायी समिति की पूरी टीम पहली बार इस कॉरिडोर से होकर गुजरेगी।

मीठापुर और महुली के बीच विकसित एलिवेटेड कॉरिडोर को पटना के यातायात दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है। शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या और प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

समिति के सदस्य परियोजना के निर्माण, कनेक्टिविटी और यातायात उपयोगिता से जुड़े पहलुओं का जायजा ले सकते हैं।

एनएचएआई ने बीएसआरडीसी को भेजा पत्र

समिति के दौरे को लेकर एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से दौरे से पहले आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।

समिति के निर्धारित मार्ग पर सड़क की स्थिति, ट्रैफिक व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर अधिकारियों का ध्यान है।

ऐसे उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान सड़क परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति और जमीनी स्तर पर लोगों को मिल रही सुविधाओं को समझने का अवसर मिलता है। इसलिए संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां तेज की जा रही हैं।

गया भी जाएगी संसदीय समिति

बिहार दौरे के दौरान संसदीय स्थायी समिति के सदस्य गया भी जाएंगे। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से समिति के लिए मार्ग निर्धारित किया गया है।

टीम पटना से निर्धारित मार्ग के जरिए गया की ओर जाएगी। इस दौरान प्रमुख सड़क परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति को देखा जाएगा।

गया बिहार का महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक शहर है। पटना से गया के बीच बेहतर सड़क संपर्क राज्य के पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मीठापुर ओवरब्रिज से एलिवेटेड कॉरिडोर तक सफर

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समिति मीठापुर ओवरब्रिज होते हुए मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से गुजरेगी। इसके बाद टीम महुली आरओबी सर्विस रोड के माध्यम से एनएच-22 यानी पटना-गया सड़क पर पहुंचेगी।

यह मार्ग पटना और गया के बीच महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इस सड़क पर यातायात की स्थिति और निर्माण कार्यों के प्रभाव का भी आकलन किया जा सकता है।

मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। इसलिए संसदीय समिति के दौरे के दौरान परियोजना के उपयोग और यातायात व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।

पटना-गया-डोभी फोरलेन भी दौरे में शामिल

समिति पटना-गया-डोभी फोरलेन सड़क से भी गुजरेगी। यह सड़क बिहार के प्रमुख सड़क संपर्क मार्गों में शामिल है और पटना को गया तथा डोभी की ओर जोड़ती है।

समिति के दौरे को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को सड़क मार्ग से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।

सड़क किनारे अवैध निर्माण, अस्थायी दुकानें, अनधिकृत पार्किंग और अन्य प्रकार के अतिक्रमण यातायात को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में निरीक्षण से पहले प्रशासन को मार्ग को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अतिक्रमण हटाने पर प्रशासन का जोर

संबंधित जिलाधिकारियों को पटना-गया-डोभी फोरलेन से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

अतिक्रमण हटाने का उद्देश्य केवल समिति के दौरे के लिए सड़क को साफ करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लंबे समय तक सड़क की क्षमता और सुरक्षा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

फोरलेन सड़क के दोनों ओर अनधिकृत गतिविधियां बढ़ने से यातायात की गति प्रभावित हो सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

एनएच के विकास और रखरखाव पर होगी चर्चा

संसदीय स्थायी समिति बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव की स्थिति पर भी चर्चा करेगी। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और बिहार पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों की वर्तमान स्थिति, निर्माणाधीन परियोजनाएं, रखरखाव, यातायात दबाव और भविष्य की सड़क आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

सड़क निर्माण के साथ-साथ नियमित रखरखाव भी बेहद जरूरी है। सड़क बनने के बाद समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने पर उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता प्रभावित हो सकती है।

बिहार के सड़क नेटवर्क पर विशेष ध्यान

बिहार में पिछले कुछ वर्षों में सड़क और पुल परियोजनाओं के विकास पर लगातार जोर दिया गया है। राज्य में नए फोरलेन, एलिवेटेड कॉरिडोर, पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय कम करना, माल परिवहन को आसान बनाना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।

संसदीय समिति के दौरे के दौरान इन परियोजनाओं की प्रगति और उनके प्रभाव को समझने का अवसर मिलेगा।

पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण सड़क संपर्क

चूंकि समिति के दायरे में पर्यटन और संस्कृति भी शामिल हैं, इसलिए बिहार की सड़क कनेक्टिविटी का पर्यटन पर प्रभाव भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

गया, बोधगया, राजगीर, नालंदा, पटना और अन्य ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की आवाजाही आसान होती है।

बेहतर सड़कें पर्यटन उद्योग से जुड़े होटल, रेस्तरां, स्थानीय कारोबार और परिवहन क्षेत्र को भी लाभ पहुंचा सकती हैं।

सड़क सुरक्षा पर भी नजर जरूरी

राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन सड़कों के विकास के साथ सड़क सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। तेज गति वाले वाहनों के लिए सुरक्षित डिजाइन, उचित संकेतक, सर्विस रोड, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था आवश्यक होती है।

समिति के निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति के साथ-साथ इन पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में एलिवेटेड कॉरिडोर और फोरलेन सड़क के आसपास यातायात का दबाव अलग तरह की चुनौतियां पैदा करता है। इसलिए सड़क निर्माण के साथ यातायात प्रबंधन की योजना भी जरूरी है।

स्थानीय लोगों को मिल सकती है बेहतर कनेक्टिविटी

यदि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़क परियोजनाओं का विकास योजनाबद्ध तरीके से होता है तो इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है। यात्रा का समय कम होने के साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार तक पहुंच आसान हो सकती है।

पटना-गया मार्ग पर बेहतर सड़क संपर्क से दोनों शहरों के बीच आवाजाही में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। वहीं मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति का 23 से 26 अगस्त तक बिहार दौरा राज्य की सड़क परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। समिति की अध्यक्षता जदयू के राज्यसभा सदस्य संजय झा कर रहे हैं।

दौरे के दौरान समिति पहली बार पूरी टीम के साथ नवनिर्मित मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से गुजरेगी। इसके अलावा पटना-गया-डोभी फोरलेन और अन्य प्रमुख मार्गों का भी जायजा लिया जाएगा। दौरे को देखते हुए संबंधित जिलों में अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव पर चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में समिति का यह दौरा बिहार के मौजूदा सड़क नेटवर्क की स्थिति, भविष्य की जरूरतों और प्रमुख परियोजनाओं की उपयोगिता का आकलन करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।