सेतु बंद होने की आशंका के बाद तैयारी शुरू, नावों को किया जा रहा दुरुस्त वैकल्पिक जलमार्ग से यात्रियों को सुविधा देने की तैयारी, नावों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

भागलपुर : सेतु के बंद होने की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने वैकल्पिक आवागमन की तैयारी शुरू कर दी है। सेतु बंद होने के बाद यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जलमार्ग से आवागमन की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न घाटों पर उपलब्ध नावों की स्थिति की जांच कर उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। खराब नावों की मरम्मत के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी चल रही है।

सेतु के माध्यम से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इसके बंद होने की स्थिति में सड़क मार्ग पर दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जलमार्ग को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नाव परिचालन व्यवस्थित होने से गंगा के दोनों किनारों के बीच आवागमन करने वाले लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

नावों की स्थिति की हो रही जांच

तैयारी के तहत घाटों पर मौजूद नावों की जांच की जा रही है। नावों की मजबूती, इंजन, क्षमता और अन्य जरूरी उपकरणों की स्थिति देखी जा रही है। जिन नावों में मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम जल परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।

नाविकों को भी आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। नाव की क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर रोक लगाने, निर्धारित स्थान पर यात्रियों को बैठाने और मौसम की स्थिति को देखते हुए परिचालन करने पर जोर दिया जा रहा है।

यात्रियों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता

सेतु बंद होने की स्थिति में नावों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है। नावों में लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रियों को भी नाव परिचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि जलमार्ग से आवागमन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। तेज हवा, बारिश या नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में नाव परिचालन को लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

घाटों पर भी व्यवस्था सुधारने की तैयारी

नावों के साथ-साथ घाटों की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की तैयारी है। यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए सुरक्षित स्थान, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार घाटों पर कर्मियों की तैनाती भी की जा सकती है।

सेतु बंद होने के बाद अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से नावों में बैठाने और उतरने की व्यवस्था करने पर जोर दिया जाएगा।

वैकल्पिक व्यवस्था से मिलेगी राहत

स्थानीय लोगों का कहना है कि सेतु बंद होने की स्थिति में नाव परिचालन नियमित और सुरक्षित रहा तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है। खासकर रोजाना कामकाज, व्यापार, इलाज और जरूरी कार्यों के लिए गंगा के दूसरे किनारे जाने वाले लोगों को इससे सुविधा होगी।

हालांकि, नावों की क्षमता सीमित होने के कारण प्रशासन को भीड़ के अनुसार परिचालन की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। साथ ही किराया, समय और घाटों की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाना भी जरूरी होगा, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने शुरू की तैयारी

सेतु बंद होने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का उद्देश्य यही है कि आवागमन अचानक प्रभावित न हो। संबंधित विभाग नावों और घाटों की स्थिति का जायजा लेकर जरूरी कमियों को दूर करने में जुटे हैं।