केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन ने पकड़ा उग्र रूप; उग्र भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव, हालात संभालने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज और बुलाया अतिरिक्त बल; डीएम-एसएसपी ने खुद संभाला मोर्चा

भागलपुर, मुख्य संवाददाता: देश की राजधानी से लेकर सूबे के विभिन्न जिलों तक सुलग रहे राजनीतिक और छात्र आक्रोश का केंद्रबिन्दु आज रेशमी नगरी भागलपुर बन गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सुबह से चल रहा विरोध प्रदर्शन दोपहर तक पहुंचते-हुए पूरी तरह से हिंसक और बेकाबू हो गया। शहर के प्रमुख चौराहों पर उग्र हुए प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। हालात इस कदर बिगड़ गए कि आक्रोशित भीड़ ने कानून-व्यवस्था को धता बताते हुए पुलिस बल पर जमकर पथराव शुरू कर दिया। पथराव की इस अचानक हुई घटना से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। स्थिति की गंभीरता और शहर में बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और स्थिति पर काबू पाने के लिए तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तलब कर लिया। सबसे खास बात यह रही कि स्वयं जिला मजिस्ट्रेट (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सुरक्षा गियर (हेलमेट और प्रोटेक्टिव जैकेट) पहनकर खुद मोर्चा संभाला और सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया।

कैसे भड़की हिंसा और क्या थी प्रदर्शनकारियों की मांग?

प्राप्त विवरण के अनुसार, पिछले कुछ घंटों से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल उस वक्त गरमा गया जब कुछ उग्र तत्वों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ने और जबरन प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने का प्रयास किया।

पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ ने नारेबाजी तेज कर दी और देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।

प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे थे।

उनका आरोप था कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है, जिसके बाद भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिसर्किमयों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

पथराव से रणक्षेत्र में बदला इलाका, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

तिलकामांझी और मनाली चौक के आसपास का इलाका कुछ ही पलों में रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। उपद्रवियों ने सड़क के दोनों ओर से पुलिस बल पर ईंट-पत्थरों और पत्थरों के टुकड़ों की बारिश शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई: अपने ऊपर हो रहे पथराव और बिगड़ते हालात को देख पुलिस ने आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए बल प्रयोग करने का निर्णय लिया।

लाठीचार्ज और आंसू गैस: पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया और उग्र प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

डीएम और एसएसपी ने पहना सुरक्षा गियर, खुद संभाली कमान

जब स्थिति स्थानीय पुलिस अधिकारियों के नियंत्रण से बाहर होती दिखी, तब जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने खुद मैदान में उतरने का फैसला किया। भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत सुरक्षा गियर (हेलमेट, बॉडी आर्मर) धारण किया और वज्र वाहनों के काफिले के साथ सीधे हिंसाग्रस्त क्षेत्र में पहुंच गए।

सड़कों पर पैदल मार्च: दोनों शीर्ष अधिकारियों ने हाथ में लाठी और सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर खुद सड़कों पर पैदल मार्च किया और उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी दी।

कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश: एसएसपी ने मौके से ही पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है, उनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाए और उनके खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया जाए।

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और शहर में हाई अलर्ट

हिंसा की इस घटना के बाद पूरे भागलपुर शहर में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। एहतियात के तौर पर शहर के सभी संवेदनशील चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल (Additional Police Force), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और बिहार पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

भागलपुर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ यह हिंसक प्रदर्शन और पुलिस पर पथराव की घटना प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से एक गंभीर चुनौती बन गई है। डीएम और एसएसपी द्वारा खुद सुरक्षा गियर पहनकर मोर्चा संभालना इस बात को रेखांकित करता है कि प्रशासन इस घटना को कितनी गंभीरता से ले रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।