मानवीय संवेदना की मिसाल: पूर्णिया में सरसी थाना के एडिशनल प्रभारी की पत्नी के अस्वस्थ होने पर 'विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ' ने किया रक्तदान, बचाई जान

पूर्णिया: मानवता और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए पूर्णिया जिले में एक बार फिर से जनसेवा का अनुकरणीय उदाहरण देखने को मिला है। जहाँ एक तरफ पुलिस महकमा दिन-रात आम जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहता है, वहीं जब किसी पुलिस अधिकारी या उनके परिवार पर कोई संकट आता है, तो सामाजिक संगठन और आम लोग उनके समर्थन में ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। हाल ही में सरसी थाना के एडिशनल प्रभारी (अतिरिक्त प्रभार अधिकारी) भरत पासवान की धर्मपत्नी की अचानक तबीयत काफी बिगड़ गई। ऐसी आपातकालीन और संकट की घड़ी में 'विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ' के युवा कार्यकर्ता मसीहा बनकर आगे आए और रक्तदान कर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

अचानक आई स्वास्थ्य की गंभीर समस्या और संकट की घड़ी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरसी थाना में अपनी सेवाएं दे रहे एडिशनल प्रभारी भरत पासवान की पत्नी अचानक गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गईं। उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उनकी स्थिति को नाजुक बताया और तत्काल रक्त (Blood) की आवश्यकता जताई।

अचानक आई इस मेडिकल इमरजेंसी के कारण अधिकारी परिवार के समक्ष भारी संकट खड़ा हो गया। रक्त की अत्यधिक आवश्यकता और अस्पताल में ब्लड बैंक की तात्कालिक सीमाओं के चलते परिजन खासे चिंतित हो उठे। इस मुश्किल परिस्थिति में परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि इतनी कम अवधि में रक्त की व्यवस्था कैसे की जाए।

विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ का त्वरित हस्तक्षेप और रक्तदान

जैसे ही इस बात की भनक 'विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ' के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लगी, संगठन ने बिना एक पल गंवाए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। संघ के नेतृत्वकर्ताओं ने आपसी समन्वय स्थापित कर तत्काल रक्तदाताओं से संपर्क साधा।

निस्वार्थ भाव से आगे आए युवा: संगठन से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं ने बिना किसी विलंब के अस्पताल पहुंचकर रक्तदान करने की इच्छा जताई।

समय पर रक्त की उपलब्धता: संघ के सदस्यों के त्वरित प्रयासों से समय रहते अस्पताल में डॉक्टर की मांग के अनुरूप रक्त उपलब्ध करा दिया गया, जिससे मरीज की सर्जरी या चिकित्सीय प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सकी।

मानवता का संदेश: इस त्वरित सहायता से न केवल मरीज की जान खतरे से बाहर आई, बल्कि पुलिस प्रशासन और आम जनता के बीच आपसी विश्वास और आत्मीयता का एक नया रिश्ता भी कायम हुआ।

पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन द्वारा आभार व्यक्त

इस संकट की घड़ी में 'विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ' द्वारा दिखाए गए मानवीय सहयोग के बाद एडिशनल प्रभारी भरत पासवान और उनके पूरे परिवार ने संघ के सभी कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। अधिकारी परिवार का कहना है कि संकट के इस दौर में जिस प्रकार युवाओं ने आगे आकर मदद की है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

स्थानीय बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों ने भी विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ के इस सराहनीय कदम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। लोगों का मानना है कि जब सामाजिक संगठन और प्रशासनिक अमला एक-दूसरे के पूरक बनकर इस तरह कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, तो समाज में सकारात्मकता और भाईचारे की मिसाल कायम होती है। यह घटना पूर्णिया के सामाजिक ताने-बाने की उस ताकत को दर्शाती है जहाँ इंसानियत को सबसे ऊपर रखा जाता है।