श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद; मालदा रेल मंडल के एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य आज करेंगे भागलपुर स्टेशन का उच्चस्तरीय निरीक्षण

भागलपुर, मुख्य संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से सुल्तानगंज के रास्ते देवघर जाने वाले लाखों शिवभक्तों (कांवड़ियों) की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने अपनी कमर कस ली है। इसी सिलसिले में आज बुधवार को मालदा रेल मंडल के अपर रेल प्रबंधक (ADRM) अमरेंद्र कुमार मौर्य विशेष निरीक्षण के तहत भागलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। रेलवे प्रशासन की यह कवायद यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मेले के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और भागलपुर जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।

निरीक्षण का विस्तृत कार्यक्रम और समय-सारणी

निर्धारित शेड्युल के अनुसार, एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य आज सुबह ठीक 8:30 बजे विशेष सैलून या निरीक्षण ट्रेन से भागलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। उनका यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे भागलपुर स्टेशन पर तीन घंटे से अधिक समय तक रुककर चप्पे-चप्पे का जायजा लेंगे।

इस दौरान उनके साथ मालदा डिवीजन के कई अन्य वरिष्ठ परिचालन (Operations), वाणिज्य (Commercial), सुरक्षा (RPF/GRP) और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। स्टेशन परिसर में उनके इस लंबे प्रवास के दौरान रेलवे की विभिन्न यात्री सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु: किन व्यवस्थाओं पर रहेगा विशेष फोकस?

श्रावणी मेले के मद्देनजर एडीआरएम के इस औचक व विस्तृत निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से फोकस रहेगा:

यात्री शेड और होल्डिंग एरिया (Holding Area) की व्यवस्था: मेले के दिनों में भागलपुर स्टेशन पर अचानक उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाए जाने वाले विशेष अस्थायी प्रतीक्षा हॉल या होल्डिंग एरिया का वे निरीक्षण करेंगे। यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए प्लेटफॉर्म के बाहर या सर्कुलेटिंग एरिया में लगाए जाने वाले पंडालों की रूपरेखा पर चर्चा होगी।

प्लेटफॉर्म प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम: सुरक्षा के लिहाज से आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवानों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, और मेटल डिटेक्टर्स की स्थिति का जायजा लिया जाएगा ताकि असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके।

पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था: गर्मियों और बारिश के इस मौसम में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था, शौचालयों की साफ-सफाई, और प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त रोशनी (Lighting) के पुख्ता इंतजामों की समीक्षा की जाएगी।

टिकट काउंटर और पूछताछ केंद्र: कांवड़ियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त अनारक्षित टिकट काउंटर (UTS Counters) खोलने, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVM) के संचालन और हेल्प डेस्क (सहायता केंद्र) की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा ताकि टिकट के लिए लंबी कतारों से बचा जा सके।

ट्रेनों के संचालन और समयबद्धता: मेले के दौरान सुल्तानगंज और भागलपुर रूट पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनों, मेमू ट्रेनों के परिचालन तथा उनकी साफ-सफाई पर विशेष जोर रहेगा।

रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय बैठक

भागलपुर स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों, सर्कुलेटिंग एरिया, फुट ओवर ब्रिज और पार्सल कार्यालय का जायजा लेने के बाद एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य रेलवे अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में भागलपुर के स्थानीय जिला प्रशासन और आरपीएफ के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित करने पर चर्चा होगी, ताकि रेलवे और जिला पुलिस मिलकर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रख सकें। बैठक के दौरान पिछली कमियों से सीख लेते हुए इस बार के मेले को 'ग्रीन और सेफ' बनाने की रणनीति पर मुहर लग सकती है।

यात्रियों और कांवरियों के लिए राहत की उम्मीद

रेलवे के इस हाई-प्रोफाइल दौरे से स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले कांवरियों में भारी उम्मीदें जग गई हैं। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते इतनी सख्ती और तैयारी शुरू कर दी जाए, तो मेले के दौरान होने वाली भगदड़, टिकट की कालाबाजारी और गंदगी जैसी समस्याओं से काफी हद तक निजात मिल सकती है।

मालदा रेल मंडल के एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य द्वारा भागलपुर स्टेशन का यह तीन घंटे से अधिक का मैराथन निरीक्षण इस बात का स्पष्ट संदेश है कि रेलवे प्रशासन श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। आज के इस निरीक्षण और उसके बाद उठाए जाने वाले ठोस कदमों से न केवल भागलपुर जंक्शन की व्यवस्थाएं सुधरेंगी, बल्कि लाखों शिवभक्तों की सुल्तानगंज से देवघर की यह पवित्र यात्रा और अधिक मंगलमय व सुरक्षित बन सकेगी।